कीमत दोनों की चुकनी पड़ती है, बोलने की भी और चुप रहने की भी ..!!

कीमत दोनों की चुकनी पड़ती है, बोलने की भी और चुप रहने की भी ..!!

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कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..

ना अपने पास हूं ना तेरे साथ हूं, बहुत दिनों से मैं यूं ही उदास हूं !

काश आंसूं के साथ यादें बाह जाती .. तो एक दिन तसली के साथ बैठ कर रो लेता ...

किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम.. चाहा था सिर्फ एक तुमको और अब तुम से ही दूर है हम।

साथी तो मुझे अपने सुख के लिए चाहिए दुखों के लिए तो मैं अकेला काफी हूँ !!

इस दुनिया में अजनबी रहना ही ठीक है लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर

कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..

ना अपने पास हूं ना तेरे साथ हूं, बहुत दिनों से मैं यूं ही उदास हूं !

काश आंसूं के साथ यादें बाह जाती .. तो एक दिन तसली के साथ बैठ कर रो लेता ...

किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम.. चाहा था सिर्फ एक तुमको और अब तुम से ही दूर है हम।

साथी तो मुझे अपने सुख के लिए चाहिए दुखों के लिए तो मैं अकेला काफी हूँ !!

इस दुनिया में अजनबी रहना ही ठीक है लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर