जवाब तो हर बात का दिया जा सकता है, मगर जो रिश्तो की अहमियत ना समझ पाया वह शब्दों को क्या समझेगा

जवाब तो हर बात का दिया जा सकता है, मगर जो रिश्तो की अहमियत ना समझ पाया वह शब्दों को क्या समझेगा

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वहां तक तो साथ चलो जहाँ तक साथ मुमकिन है, जहाँ हालात बदलेंगे वहां तुम भी बदल जाना.

नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो

एहसासों की नमी बेहद जरुरी है हर रिश्ते में ,,रेत भी सूखी हो तो हाथों से फिसल जाती है !!

तुम जो साथ हो तो दुनिया अपनी सी लगती है वरना सीने में सांस भी पराई लगती है

"हमने ‪‎दिल‬ वापस ‪‎मांगा‬ तो वो सर झुका कर ‪बोली‬, वो तो ‪टूट‬ गया ‪‎खेलते‬ खेलते.."

जरुरत से ज्यादा उम्मीद भी रिश्ते टुटने की वजह बन जाती है......

वहां तक तो साथ चलो जहाँ तक साथ मुमकिन है, जहाँ हालात बदलेंगे वहां तुम भी बदल जाना.

नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो

एहसासों की नमी बेहद जरुरी है हर रिश्ते में ,,रेत भी सूखी हो तो हाथों से फिसल जाती है !!

तुम जो साथ हो तो दुनिया अपनी सी लगती है वरना सीने में सांस भी पराई लगती है

"हमने ‪‎दिल‬ वापस ‪‎मांगा‬ तो वो सर झुका कर ‪बोली‬, वो तो ‪टूट‬ गया ‪‎खेलते‬ खेलते.."

जरुरत से ज्यादा उम्मीद भी रिश्ते टुटने की वजह बन जाती है......