रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......
सच कहूँ आज पहली दफा लगा की दूरियाँ बड़ी ज़ालिम हैं
हम बुरे नहीं थे मगर तुमने बुरा कह दिया पर अब हम बन गए है ताकि तुझे कोई झूठा न कहदे
क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते
तुम जो साथ हो तो दुनिया अपनी सी लगती है वरना सीने में सांस भी पराई लगती है
कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.
रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......
सच कहूँ आज पहली दफा लगा की दूरियाँ बड़ी ज़ालिम हैं
हम बुरे नहीं थे मगर तुमने बुरा कह दिया पर अब हम बन गए है ताकि तुझे कोई झूठा न कहदे
क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते
तुम जो साथ हो तो दुनिया अपनी सी लगती है वरना सीने में सांस भी पराई लगती है
कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.