रिश्ते वेहम से भी ख़तम हो जाते हैं, अक्सर क़ुसूर हमेशा गलतियों का नहीं होता

रिश्ते वेहम से भी ख़तम हो जाते हैं, अक्सर क़ुसूर हमेशा गलतियों का नहीं होता

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बदल जाते है वो लोग वक़्त की तरह जिन्हे हद सा ज्यादा वक़्त दिया जाता है....

काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..

वो कभी डरा ही नहीं मुझे खोने से, वो क्या अफसोस करेगा मेरे ना होने से

गुज़र गया आज का दिन भी पहले की तरह ना हमे फुरसत मिली ना उन्हे ख्याल आया .

तेरी तो फितरत ही थी सभी से मोहब्बत करने की, हम तो बेवजह ही खुद को खुशनसीब समझने लगे थे.

किताबों सी शख्सियत दे दे मालिक...सब कुछ बोल दूँ खामोश रहकर....

बदल जाते है वो लोग वक़्त की तरह जिन्हे हद सा ज्यादा वक़्त दिया जाता है....

काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..

वो कभी डरा ही नहीं मुझे खोने से, वो क्या अफसोस करेगा मेरे ना होने से

गुज़र गया आज का दिन भी पहले की तरह ना हमे फुरसत मिली ना उन्हे ख्याल आया .

तेरी तो फितरत ही थी सभी से मोहब्बत करने की, हम तो बेवजह ही खुद को खुशनसीब समझने लगे थे.

किताबों सी शख्सियत दे दे मालिक...सब कुछ बोल दूँ खामोश रहकर....