क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते
हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही
मत कर मोहबत तेरे बस की बात नही जो दर्द मेरे पास है, उस दर्द की दवा तेरे पास नही.
मोहब्बत क्या है चलो दो लफ्ज़ो में बताते है तेरा मजबूर कर देना मेरा मजबूर हो जाना
कुछ चुप रहती हूँ, कुछ बोलती हूँ, कुछ रिश्ते मेरे इसी से संभले हुए हैं ......
प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता
क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते
हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही
मत कर मोहबत तेरे बस की बात नही जो दर्द मेरे पास है, उस दर्द की दवा तेरे पास नही.
मोहब्बत क्या है चलो दो लफ्ज़ो में बताते है तेरा मजबूर कर देना मेरा मजबूर हो जाना
कुछ चुप रहती हूँ, कुछ बोलती हूँ, कुछ रिश्ते मेरे इसी से संभले हुए हैं ......
प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता