अकेली रात बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो
जरुरत से ज्यादा उम्मीद भी रिश्ते टुटने की वजह बन जाती है......
शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर, हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा है…
जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते
मेरी आंखे देखकर लोग कहते हैं लगता है तेरा चाहने वाला तुझे आजमाता बहुत है
किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए
अकेली रात बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो
जरुरत से ज्यादा उम्मीद भी रिश्ते टुटने की वजह बन जाती है......
शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर, हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा है…
जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते
मेरी आंखे देखकर लोग कहते हैं लगता है तेरा चाहने वाला तुझे आजमाता बहुत है
किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए