हमे देखकर..अनदेखा कर दिया उसने, बंद आंखों से पहचानने का, कभी दावा किया था जिसने
मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी
काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..
सारी दुनिया के रुठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है.
सब समेट कर बढ़ते रहना ..नदियों तुमसे सीख न पाया !
तू वही हैना जिसने पहले फसाया फिर हसाया और फिर अपना बनाकर खूब रुलाया
हमे देखकर..अनदेखा कर दिया उसने, बंद आंखों से पहचानने का, कभी दावा किया था जिसने
मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी
काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..
सारी दुनिया के रुठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है.
सब समेट कर बढ़ते रहना ..नदियों तुमसे सीख न पाया !
तू वही हैना जिसने पहले फसाया फिर हसाया और फिर अपना बनाकर खूब रुलाया