वो दूर होकर भी पास हैं हमारी नहीं है फिर भी ख़ास है

वो दूर होकर भी पास हैं हमारी नहीं है फिर भी ख़ास है

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एक दिमाग वाला दिल मुझे भी दे दे ख़ुदा, ये दिल वाला दिल सिर्फ़ तकलीफ़ ही देता हैं..

हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही

युं ही हम दिल को साफ़ रखा करते थे…पता नही था की, ‘किमत चेहरों की होती है’ !

रुलाती है मगर रोने का नहीं.

एक उम्र बीत जाती है किसी को अपना बनाने में और एक पल काफी होता है किसी अपने को गवाने में

क्या फायदा अनलिमिटेड कॉलिंग और डाटा का जब कोई ढंग से बात करने वाला ही न हो

एक दिमाग वाला दिल मुझे भी दे दे ख़ुदा, ये दिल वाला दिल सिर्फ़ तकलीफ़ ही देता हैं..

हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही

युं ही हम दिल को साफ़ रखा करते थे…पता नही था की, ‘किमत चेहरों की होती है’ !

रुलाती है मगर रोने का नहीं.

एक उम्र बीत जाती है किसी को अपना बनाने में और एक पल काफी होता है किसी अपने को गवाने में

क्या फायदा अनलिमिटेड कॉलिंग और डाटा का जब कोई ढंग से बात करने वाला ही न हो