चलो खामोशियों की गिरफत में चलते हैं, बातें ज़्यादा हुई तो जज़्बात खुल जाएंगे

चलो खामोशियों की गिरफत में चलते हैं, बातें ज़्यादा हुई तो जज़्बात खुल जाएंगे

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दिल पर लग जाती है उन्हें अक्सर हमारी बातें, जो कहते थे तुम कुछ भी बोलो बुरा नहीं लगता...

ज़िन्दगी में कुछ लोग ऐसे भी आते हैं हँसाते – रूलाते और देखते ही देखते दिल में बस जाते हैं फिर दूर जाने के बाद याद बहुत आते हैं ..

मेरे मरने पर तो लाखो रोने वाले है, तलाश उसकी है जो मेरे रोने से मर जाए

इतिहास गवाह है- 'खबर' हो या 'कबर' खोदते हमेशा अपने ही हैं|

हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.

अपने रब के फैसले पर भला शक कैसे करुँ सजा दे रहा है अगर वो कुछ तो गुनाह रहा होगा..

दिल पर लग जाती है उन्हें अक्सर हमारी बातें, जो कहते थे तुम कुछ भी बोलो बुरा नहीं लगता...

ज़िन्दगी में कुछ लोग ऐसे भी आते हैं हँसाते – रूलाते और देखते ही देखते दिल में बस जाते हैं फिर दूर जाने के बाद याद बहुत आते हैं ..

मेरे मरने पर तो लाखो रोने वाले है, तलाश उसकी है जो मेरे रोने से मर जाए

इतिहास गवाह है- 'खबर' हो या 'कबर' खोदते हमेशा अपने ही हैं|

हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.

अपने रब के फैसले पर भला शक कैसे करुँ सजा दे रहा है अगर वो कुछ तो गुनाह रहा होगा..