चलो खामोशियों की गिरफत में चलते हैं, बातें ज़्यादा हुई तो जज़्बात खुल जाएंगे

चलो खामोशियों की गिरफत में चलते हैं, बातें ज़्यादा हुई तो जज़्बात खुल जाएंगे

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कुछ अलग सा है अपनी मौहबत का हाल... तेरी चुपी और मेरा सवाल ....!!!!

वो जो हमसे नफरत करते हैं, हम तो आज भी सिर्फ उन पर मरते हैं,

शक तो था मोहब्बत में नुक़सान होगा, पर सारा हमारा ही होगा ये मालूम न था

एक थी समझने वाली मुझे ... अब वो भी समझदार हो गयी है

जिन्हे भी मुझसे मिलने का वक़्त नहीं मिलता देख लेना एक दिन होगा जब मैं इतना दूर चला जाऊंगा की तुम्हे मुझसे मिलने का मौका भी नहीं मिलेगा।

एक उम्र बीत जाती है किसी को अपना बनाने में और एक पल काफी होता है किसी अपने को गवाने में

कुछ अलग सा है अपनी मौहबत का हाल... तेरी चुपी और मेरा सवाल ....!!!!

वो जो हमसे नफरत करते हैं, हम तो आज भी सिर्फ उन पर मरते हैं,

शक तो था मोहब्बत में नुक़सान होगा, पर सारा हमारा ही होगा ये मालूम न था

एक थी समझने वाली मुझे ... अब वो भी समझदार हो गयी है

जिन्हे भी मुझसे मिलने का वक़्त नहीं मिलता देख लेना एक दिन होगा जब मैं इतना दूर चला जाऊंगा की तुम्हे मुझसे मिलने का मौका भी नहीं मिलेगा।

एक उम्र बीत जाती है किसी को अपना बनाने में और एक पल काफी होता है किसी अपने को गवाने में