चलो खामोशियों की गिरफत में चलते हैं, बातें ज़्यादा हुई तो जज़्बात खुल जाएंगे

चलो खामोशियों की गिरफत में चलते हैं, बातें ज़्यादा हुई तो जज़्बात खुल जाएंगे

Share:

More Like This

वहां तक तो साथ चलो जहाँ तक साथ मुमकिन है, जहाँ हालात बदलेंगे वहां तुम भी बदल जाना.

दिल पर लग जाती है उन्हें अक्सर हमारी बातें, जो कहते थे तुम कुछ भी बोलो बुरा नहीं लगता...

दिल में रहते हैं कुछ लोग ... जिनका नाम ज़ुबान से लेना ठीक नहीं होता

जान लेने पे तुले हे दोनो मेरी..इश्क हार नही मानता..दिल बात नही मानता।

एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से

मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ..... कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है

वहां तक तो साथ चलो जहाँ तक साथ मुमकिन है, जहाँ हालात बदलेंगे वहां तुम भी बदल जाना.

दिल पर लग जाती है उन्हें अक्सर हमारी बातें, जो कहते थे तुम कुछ भी बोलो बुरा नहीं लगता...

दिल में रहते हैं कुछ लोग ... जिनका नाम ज़ुबान से लेना ठीक नहीं होता

जान लेने पे तुले हे दोनो मेरी..इश्क हार नही मानता..दिल बात नही मानता।

एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से

मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ..... कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है