अपेक्षा सभी हृदय-पीड़ा की जड़ है. ||

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मुझे नफरत है उस वक़्त से, जब "रोना" ही "बेहतर महसूस" करने का एकलौता तरीका बन जाता है।

आँसू वे शब्द हैं, जिनको दिल कभी बयां नहीं कर सकता है।

अब तो मैं खुश होने से भी डरता हूं, क्योंकि जब भी मैं बहुत खुश होता हूं, तब हमेशा कुछ बुरा होता है।

जीने की वजह देखी थी हमने उनमे। ये नही सोचे थे, की.... कभी वो खुद ही हमारे दर्द की वजह बन जाएंगे।

वह जो अपने परिवार से अत्यधिक जुड़ा हुआ है, उसे भय और चिंता का सामना करना पड़ता है, क्योंकि सभी दुखों कि जड़ लगाव है. इसलिए खुश रहने कि लिए लगाव छोड़ देना चाहिए.

चाणक्य

आप कर भी क्या सकते है, जब..... वो इंसान, जो आपका रोना बंद कर सकता है, बही आपको रुला रहा है...

मुझे नफरत है उस वक़्त से, जब "रोना" ही "बेहतर महसूस" करने का एकलौता तरीका बन जाता है।

आँसू वे शब्द हैं, जिनको दिल कभी बयां नहीं कर सकता है।

अब तो मैं खुश होने से भी डरता हूं, क्योंकि जब भी मैं बहुत खुश होता हूं, तब हमेशा कुछ बुरा होता है।

जीने की वजह देखी थी हमने उनमे। ये नही सोचे थे, की.... कभी वो खुद ही हमारे दर्द की वजह बन जाएंगे।

वह जो अपने परिवार से अत्यधिक जुड़ा हुआ है, उसे भय और चिंता का सामना करना पड़ता है, क्योंकि सभी दुखों कि जड़ लगाव है. इसलिए खुश रहने कि लिए लगाव छोड़ देना चाहिए.

चाणक्य

आप कर भी क्या सकते है, जब..... वो इंसान, जो आपका रोना बंद कर सकता है, बही आपको रुला रहा है...