अपेक्षा सभी हृदय-पीड़ा की जड़ है. ||

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अब तो मैं खुश होने से भी डरता हूं, क्योंकि जब भी मैं बहुत खुश होता हूं, तब हमेशा कुछ बुरा होता है।

हँसते-हँसते जिसने मेरे हर दर्द को संभाला है उसी माँ को मैने कमरे में अकेले रोते पाया है

जो लोग दर्द को समझते हैं वो लोग कभी भी दर्द की वजह नहीं बनते…

जिनकी "हसी" से कभी "मेरा दर्द" गायब हुआ करता था, आज "मेरा दर्द" उनके लिये "हसी की वजह" बन चुकी है।

एक बात सिखाई है... ताजुर्वे ने हमें, एक नया दर्द ही पुराने दर्द की दवा है।

तुम्हे याद करना, दर्दनाक नही है.... पर ये याद करना के तुम कभी मेरी थी, मुझे अंदर से तोड़ देता है।

अब तो मैं खुश होने से भी डरता हूं, क्योंकि जब भी मैं बहुत खुश होता हूं, तब हमेशा कुछ बुरा होता है।

हँसते-हँसते जिसने मेरे हर दर्द को संभाला है उसी माँ को मैने कमरे में अकेले रोते पाया है

जो लोग दर्द को समझते हैं वो लोग कभी भी दर्द की वजह नहीं बनते…

जिनकी "हसी" से कभी "मेरा दर्द" गायब हुआ करता था, आज "मेरा दर्द" उनके लिये "हसी की वजह" बन चुकी है।

एक बात सिखाई है... ताजुर्वे ने हमें, एक नया दर्द ही पुराने दर्द की दवा है।

तुम्हे याद करना, दर्दनाक नही है.... पर ये याद करना के तुम कभी मेरी थी, मुझे अंदर से तोड़ देता है।