अब तो ऐसा लगता है की, मैं ही वो अकेला इंसान हूं, जिसने मुझे निराश नहीं किया।
ज़िन्दगी ने सीखा दिया..... बहुत ज्यादा भरोसा मत कर, बहुत ज्यादा प्यार मत कर, बहुत ज्यादा परवाह मत कर, क्योंकि बाद में बहुत ज्यादा दर्द तुझे ही होने वाला है!
इस तरह मेरी तरफ मेरा मसीहा देखे, दर्द दिल में ही रहे और दवा हो जाए।
कभी भी अपना दर्द सबको न बतायें क्योंकि सबके घर पर मरहम नहीं होता, मगर नमक हर एक के घर होता है!!
मेरी मुस्कुराहट के पीछे एक टूटा हुआ दिल है, मैं ठीक नहीं हूं, मैं बिल्कुल भी ठीक नही हूं।
हँसते-हँसते जिसने मेरे हर दर्द को संभाला है उसी माँ को मैने कमरे में अकेले रोते पाया है
अब तो ऐसा लगता है की, मैं ही वो अकेला इंसान हूं, जिसने मुझे निराश नहीं किया।
ज़िन्दगी ने सीखा दिया..... बहुत ज्यादा भरोसा मत कर, बहुत ज्यादा प्यार मत कर, बहुत ज्यादा परवाह मत कर, क्योंकि बाद में बहुत ज्यादा दर्द तुझे ही होने वाला है!
इस तरह मेरी तरफ मेरा मसीहा देखे, दर्द दिल में ही रहे और दवा हो जाए।
कभी भी अपना दर्द सबको न बतायें क्योंकि सबके घर पर मरहम नहीं होता, मगर नमक हर एक के घर होता है!!
मेरी मुस्कुराहट के पीछे एक टूटा हुआ दिल है, मैं ठीक नहीं हूं, मैं बिल्कुल भी ठीक नही हूं।
हँसते-हँसते जिसने मेरे हर दर्द को संभाला है उसी माँ को मैने कमरे में अकेले रोते पाया है