वेदना के उपरान्त सुख अत्यंत मधुर होता हैं.
अब तो ऐसा लगता है की, मैं ही वो अकेला इंसान हूं, जिसने मुझे निराश नहीं किया।
मेरी मुस्कुराहट के पीछे एक टूटा हुआ दिल है, मैं ठीक नहीं हूं, मैं बिल्कुल भी ठीक नही हूं।
लोग कहते है.... अपने दिल की सुनो, मगर जब दिल ही लाख टुकड़ो में बटा हुआ हो, तब किस टुकड़े की सुने, और किसको देखे.....
मैं अब लोगों पर भरोसा नहीं करता हूं। क्योंकि मैं निराश होकर थक चुका हूं।
कभी-कभी मैं बस मिट जाना चाहता हु, मगर फिरभी एक चाहत रहती है दिल में, के.... "काश कोई मुझे ढूंढ ले।"
वेदना के उपरान्त सुख अत्यंत मधुर होता हैं.
अब तो ऐसा लगता है की, मैं ही वो अकेला इंसान हूं, जिसने मुझे निराश नहीं किया।
मेरी मुस्कुराहट के पीछे एक टूटा हुआ दिल है, मैं ठीक नहीं हूं, मैं बिल्कुल भी ठीक नही हूं।
लोग कहते है.... अपने दिल की सुनो, मगर जब दिल ही लाख टुकड़ो में बटा हुआ हो, तब किस टुकड़े की सुने, और किसको देखे.....
मैं अब लोगों पर भरोसा नहीं करता हूं। क्योंकि मैं निराश होकर थक चुका हूं।
कभी-कभी मैं बस मिट जाना चाहता हु, मगर फिरभी एक चाहत रहती है दिल में, के.... "काश कोई मुझे ढूंढ ले।"