दुःख और सुख, अन्धकार एवं प्रकाश की भांति एक दूसरें के बाद आते रहते है, जो यह जानता है कि उसकी वापसी के प्रति अपने को अनुकूल किस प्रकार बनाया जाए तथा बुद्धिमानी के साथ दुखद पक्ष से अपने को बल पूर्वक छुड़ा सकता है, केवल वही जानता है कि जीवन किस प्रकार जिया जाता हैं.
अब तो ऐसा लगता है की, मैं ही वो अकेला इंसान हूं, जिसने मुझे निराश नहीं किया।
जो तार से निकली है वो धुन सबने सुनी है, जो साज़ पर बीती है वो दर्द किस दिल को पता।
तकलीफ तो इस बात से होती है, की जिनसे हम आज भी प्यार करते है, वो भी कभी हमसे प्यार किया करती थी।
कभी-कभी मैं बस मिट जाना चाहता हु, मगर फिरभी एक चाहत रहती है दिल में, के.... "काश कोई मुझे ढूंढ ले।"
अपने दिल में किसीको खास जगह मत दो, उस जगह को देना आसान है, पर जब सामने वाले को इसकी कदर ना हो तब दर्द बहुत ज़्यादा होता है।
दुःख और सुख, अन्धकार एवं प्रकाश की भांति एक दूसरें के बाद आते रहते है, जो यह जानता है कि उसकी वापसी के प्रति अपने को अनुकूल किस प्रकार बनाया जाए तथा बुद्धिमानी के साथ दुखद पक्ष से अपने को बल पूर्वक छुड़ा सकता है, केवल वही जानता है कि जीवन किस प्रकार जिया जाता हैं.
अब तो ऐसा लगता है की, मैं ही वो अकेला इंसान हूं, जिसने मुझे निराश नहीं किया।
जो तार से निकली है वो धुन सबने सुनी है, जो साज़ पर बीती है वो दर्द किस दिल को पता।
तकलीफ तो इस बात से होती है, की जिनसे हम आज भी प्यार करते है, वो भी कभी हमसे प्यार किया करती थी।
कभी-कभी मैं बस मिट जाना चाहता हु, मगर फिरभी एक चाहत रहती है दिल में, के.... "काश कोई मुझे ढूंढ ले।"
अपने दिल में किसीको खास जगह मत दो, उस जगह को देना आसान है, पर जब सामने वाले को इसकी कदर ना हो तब दर्द बहुत ज़्यादा होता है।