दुःख और सुख, अन्धकार एवं प्रकाश की भांति एक दूसरें के बाद आते रहते है, जो यह जानता है कि उसकी वापसी के प्रति अपने को अनुकूल किस प्रकार बनाया जाए तथा बुद्धिमानी के साथ दुखद पक्ष से अपने को बल पूर्वक छुड़ा सकता है, केवल वही जानता है कि जीवन किस प्रकार जिया जाता हैं.
किसी से ये उम्मीद रखना, के.... "वो पूरी ज़िन्दगी हमारे साथ चलेंगे...." बाद में हमे ही सबसे ज़्यादा दर्द देता है।
ज़िन्दगी ने सीखा दिया..... बहुत ज्यादा भरोसा मत कर, बहुत ज्यादा प्यार मत कर, बहुत ज्यादा परवाह मत कर, क्योंकि बाद में बहुत ज्यादा दर्द तुझे ही होने वाला है!
कोई मरहम नहीं चाहिये, जख्म मिटाने के लिये, बस तेरी एक झलक ही काफी है, मेरे दर्द को भुलाने के लिये ।
अब तो मैं खुश होने से भी डरता हूं, क्योंकि जब भी मैं बहुत खुश होता हूं, तब हमेशा कुछ बुरा होता है।
अब तो ऐसा लगता है की, मैं ही वो अकेला इंसान हूं, जिसने मुझे निराश नहीं किया।
दुःख और सुख, अन्धकार एवं प्रकाश की भांति एक दूसरें के बाद आते रहते है, जो यह जानता है कि उसकी वापसी के प्रति अपने को अनुकूल किस प्रकार बनाया जाए तथा बुद्धिमानी के साथ दुखद पक्ष से अपने को बल पूर्वक छुड़ा सकता है, केवल वही जानता है कि जीवन किस प्रकार जिया जाता हैं.
किसी से ये उम्मीद रखना, के.... "वो पूरी ज़िन्दगी हमारे साथ चलेंगे...." बाद में हमे ही सबसे ज़्यादा दर्द देता है।
ज़िन्दगी ने सीखा दिया..... बहुत ज्यादा भरोसा मत कर, बहुत ज्यादा प्यार मत कर, बहुत ज्यादा परवाह मत कर, क्योंकि बाद में बहुत ज्यादा दर्द तुझे ही होने वाला है!
कोई मरहम नहीं चाहिये, जख्म मिटाने के लिये, बस तेरी एक झलक ही काफी है, मेरे दर्द को भुलाने के लिये ।
अब तो मैं खुश होने से भी डरता हूं, क्योंकि जब भी मैं बहुत खुश होता हूं, तब हमेशा कुछ बुरा होता है।
अब तो ऐसा लगता है की, मैं ही वो अकेला इंसान हूं, जिसने मुझे निराश नहीं किया।