लोग कहते है.... अपने दिल की सुनो, मगर जब दिल ही लाख टुकड़ो में बटा हुआ हो, तब किस टुकड़े की सुने, और किसको देखे.....
आप छिपा नहीं सकते हो, की.... आप अंदर से टूटे हुए हो।
मुझे नफरत है उस वक़्त से, जब "रोना" ही "बेहतर महसूस" करने का एकलौता तरीका बन जाता है।
दर्द तो तब होता है, जब आपको पता चलता है.... कि आप उनके लिए अब उतने ज़रूरी नहीं रहे, जितना की आप कभी हुआ करते थे।
जो लोग दर्द को समझते हैं वो लोग कभी भी दर्द की वजह नहीं बनते…
सच में हंसने के लिए आपको अपनी पीड़ा के साथ खेलने में सक्षम होना चाहिए . ||
लोग कहते है.... अपने दिल की सुनो, मगर जब दिल ही लाख टुकड़ो में बटा हुआ हो, तब किस टुकड़े की सुने, और किसको देखे.....
आप छिपा नहीं सकते हो, की.... आप अंदर से टूटे हुए हो।
मुझे नफरत है उस वक़्त से, जब "रोना" ही "बेहतर महसूस" करने का एकलौता तरीका बन जाता है।
दर्द तो तब होता है, जब आपको पता चलता है.... कि आप उनके लिए अब उतने ज़रूरी नहीं रहे, जितना की आप कभी हुआ करते थे।
जो लोग दर्द को समझते हैं वो लोग कभी भी दर्द की वजह नहीं बनते…
सच में हंसने के लिए आपको अपनी पीड़ा के साथ खेलने में सक्षम होना चाहिए . ||