वक़्त हर ज़ख़्म का मरहम तो नहीं बन सकता, दर्द कुछ ऐसे होते हैं, ता-उम्र रुलाने वाले।
आमतौर पर, लोगों को लगता है कि.... मैं एक मजबूत और खुश इंसान हूं.... लेकिन वो नहीं जानते....कि मेरी मुस्कुराहट के पीछे, मैं कितना दर्द में हूं और लगभग टूट ही चुका हूं।
हँसते-हँसते जिसने मेरे हर दर्द को संभाला है उसी माँ को मैने कमरे में अकेले रोते पाया है
आँसू वे शब्द हैं, जिनको दिल कभी बयां नहीं कर सकता है।
आंसू वे शब्द हैं, जिन्हें ना तो जुबां बयां कर सकती और ना ही दिल झेल सकता है।
कोई मरहम नहीं चाहिये, जख्म मिटाने के लिये, बस तेरी एक झलक ही काफी है, मेरे दर्द को भुलाने के लिये ।
वक़्त हर ज़ख़्म का मरहम तो नहीं बन सकता, दर्द कुछ ऐसे होते हैं, ता-उम्र रुलाने वाले।
आमतौर पर, लोगों को लगता है कि.... मैं एक मजबूत और खुश इंसान हूं.... लेकिन वो नहीं जानते....कि मेरी मुस्कुराहट के पीछे, मैं कितना दर्द में हूं और लगभग टूट ही चुका हूं।
हँसते-हँसते जिसने मेरे हर दर्द को संभाला है उसी माँ को मैने कमरे में अकेले रोते पाया है
आँसू वे शब्द हैं, जिनको दिल कभी बयां नहीं कर सकता है।
आंसू वे शब्द हैं, जिन्हें ना तो जुबां बयां कर सकती और ना ही दिल झेल सकता है।
कोई मरहम नहीं चाहिये, जख्म मिटाने के लिये, बस तेरी एक झलक ही काफी है, मेरे दर्द को भुलाने के लिये ।