जितना कम आप अपना ह्रदय दूसरों के समक्ष खोलेंगे, उतनी अधिक आपके ह्रदय को पीड़ा होगी. ||

जितना कम आप अपना ह्रदय दूसरों के समक्ष खोलेंगे, उतनी अधिक आपके ह्रदय को पीड़ा होगी. ||

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ज़िन्दगी ने सीखा दिया..... बहुत ज्यादा भरोसा मत कर, बहुत ज्यादा प्यार मत कर, बहुत ज्यादा परवाह मत कर, क्योंकि बाद में बहुत ज्यादा दर्द तुझे ही होने वाला है!

मेरी आँख ही नही मेरी आत्मा भी रोती है जब मेरी माँ घर के कोने में छुपकर रोती है आँसू पौंछती है अपने ही दामन के किनोर से चीख पड़ती हूँ मैं जब वो रोकर खामोश होती है.

मेरा दर्द किसी के लिए हंसने की वजह हो सकता है। पर मेरी हंसी कभी भी किसी के दर्द की वजह नहीं होनी चाहिए. ||

अपेक्षा सभी हृदय-पीड़ा की जड़ है. ||

ऐसा लगता है, कि... मेरे शरीर का हर दूसरा हिस्सा भी अब टूट गया है।

एक बात सिखाई है... ताजुर्वे ने हमें, एक नया दर्द ही पुराने दर्द की दवा है।

ज़िन्दगी ने सीखा दिया..... बहुत ज्यादा भरोसा मत कर, बहुत ज्यादा प्यार मत कर, बहुत ज्यादा परवाह मत कर, क्योंकि बाद में बहुत ज्यादा दर्द तुझे ही होने वाला है!

मेरी आँख ही नही मेरी आत्मा भी रोती है जब मेरी माँ घर के कोने में छुपकर रोती है आँसू पौंछती है अपने ही दामन के किनोर से चीख पड़ती हूँ मैं जब वो रोकर खामोश होती है.

मेरा दर्द किसी के लिए हंसने की वजह हो सकता है। पर मेरी हंसी कभी भी किसी के दर्द की वजह नहीं होनी चाहिए. ||

अपेक्षा सभी हृदय-पीड़ा की जड़ है. ||

ऐसा लगता है, कि... मेरे शरीर का हर दूसरा हिस्सा भी अब टूट गया है।

एक बात सिखाई है... ताजुर्वे ने हमें, एक नया दर्द ही पुराने दर्द की दवा है।