दुःख और सुख, अन्धकार एवं प्रकाश की भांति एक दूसरें के बाद आते रहते है, जो यह जानता है कि उसकी वापसी के प्रति अपने को अनुकूल किस प्रकार बनाया जाए तथा बुद्धिमानी के साथ दुखद पक्ष से अपने को बल पूर्वक छुड़ा सकता है, केवल वही जानता है कि जीवन किस प्रकार जिया जाता हैं.

दुःख और सुख, अन्धकार एवं प्रकाश की भांति एक दूसरें के बाद आते रहते है, जो यह जानता है कि उसकी वापसी के प्रति अपने को अनुकूल किस प्रकार बनाया जाए तथा बुद्धिमानी के साथ दुखद पक्ष से अपने को बल पूर्वक छुड़ा सकता है, केवल वही जानता है कि जीवन किस प्रकार जिया जाता हैं.

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हास्य टॉनिक है, राहत है, दर्द रोकने वाला है. ||

जितना कम आप अपना ह्रदय दूसरों के समक्ष खोलेंगे, उतनी अधिक आपके ह्रदय को पीड़ा होगी. ||

गलत लोगों के साथ खेलने से अच्छा है की... आप अकेले रहो।

सच में हंसने के लिए आपको अपनी पीड़ा के साथ खेलने में सक्षम होना चाहिए . ||

जिनकी "हसी" से कभी "मेरा दर्द" गायब हुआ करता था, आज "मेरा दर्द" उनके लिये "हसी की वजह" बन चुकी है।

अब तो ऐसा लगता है की, मैं ही वो अकेला इंसान हूं, जिसने मुझे निराश नहीं किया।

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जितना कम आप अपना ह्रदय दूसरों के समक्ष खोलेंगे, उतनी अधिक आपके ह्रदय को पीड़ा होगी. ||

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