इस तरह मेरी तरफ मेरा मसीहा देखे, दर्द दिल में ही रहे और दवा हो जाए।
वक़्त हर ज़ख़्म का मरहम तो नहीं बन सकता, दर्द कुछ ऐसे होते हैं, ता-उम्र रुलाने वाले।
जो तार से निकली है वो धुन सबने सुनी है, जो साज़ पर बीती है वो दर्द किस दिल को पता।
किसी से ये उम्मीद रखना, के.... "वो पूरी ज़िन्दगी हमारे साथ चलेंगे...." बाद में हमे ही सबसे ज़्यादा दर्द देता है।
आँसू वे शब्द हैं, जिनको दिल कभी बयां नहीं कर सकता है।
दुःख और सुख, अन्धकार एवं प्रकाश की भांति एक दूसरें के बाद आते रहते है, जो यह जानता है कि उसकी वापसी के प्रति अपने को अनुकूल किस प्रकार बनाया जाए तथा बुद्धिमानी के साथ दुखद पक्ष से अपने को बल पूर्वक छुड़ा सकता है, केवल वही जानता है कि जीवन किस प्रकार जिया जाता हैं.
इस तरह मेरी तरफ मेरा मसीहा देखे, दर्द दिल में ही रहे और दवा हो जाए।
वक़्त हर ज़ख़्म का मरहम तो नहीं बन सकता, दर्द कुछ ऐसे होते हैं, ता-उम्र रुलाने वाले।
जो तार से निकली है वो धुन सबने सुनी है, जो साज़ पर बीती है वो दर्द किस दिल को पता।
किसी से ये उम्मीद रखना, के.... "वो पूरी ज़िन्दगी हमारे साथ चलेंगे...." बाद में हमे ही सबसे ज़्यादा दर्द देता है।
आँसू वे शब्द हैं, जिनको दिल कभी बयां नहीं कर सकता है।
दुःख और सुख, अन्धकार एवं प्रकाश की भांति एक दूसरें के बाद आते रहते है, जो यह जानता है कि उसकी वापसी के प्रति अपने को अनुकूल किस प्रकार बनाया जाए तथा बुद्धिमानी के साथ दुखद पक्ष से अपने को बल पूर्वक छुड़ा सकता है, केवल वही जानता है कि जीवन किस प्रकार जिया जाता हैं.