बहुत ज्यादा हॅसने और खुश नज़र आने वाले लोग…. अंदर से टूटे होते है
उपर वाला भी अपना आशिक है, इसिलीऐ तो किसिका होने नहि देता
मत हो इतना उदास, किसी के लिए इस दुनिया में ऐ दोस्त, क्योंकि उनके लिए जान भी दो, तो कहेंगे इसकी जिंदगी ही इतनी थी…
जिस “चाँद” के हजारों हो चाहने वाले… दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को….!!
टपक पड़ते हैं आँसू जब तुम्हारी याद आती है, ये वो बरसात है जिसका कोई मौसम नहीं होता।
बचपन में तो शामें भी हुआ करती थी। अब तो बस सुबह के बाद रात हो जाती है।
बहुत ज्यादा हॅसने और खुश नज़र आने वाले लोग…. अंदर से टूटे होते है
उपर वाला भी अपना आशिक है, इसिलीऐ तो किसिका होने नहि देता
मत हो इतना उदास, किसी के लिए इस दुनिया में ऐ दोस्त, क्योंकि उनके लिए जान भी दो, तो कहेंगे इसकी जिंदगी ही इतनी थी…
जिस “चाँद” के हजारों हो चाहने वाले… दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को….!!
टपक पड़ते हैं आँसू जब तुम्हारी याद आती है, ये वो बरसात है जिसका कोई मौसम नहीं होता।
बचपन में तो शामें भी हुआ करती थी। अब तो बस सुबह के बाद रात हो जाती है।