न जाने कौन सा आँसू मेरा राज़ खोल दे, हम इस ख़्याल से नज़रें झुकाए बैठे हैं।
तुम्हारी याद में आँसू बहाना यूँ भी जरूरी है, रुके दरिया के पानी को तो प्यासा भी नहीं छूता।
रोज पिलाता हूं एक जहर का प्याला उसे एक दर्द जो दिल में मरता ही नहीं है।..
जिंदगी बहुत छोटी है इसे, दुखी रहकर बर्बाद न करे, स्वछंद रहे, खुश रहे, वो करे जो आप करना चाहते है…
निकले जब आँसु आपकी आँखों से, दिल करता है सारी दुनिया जला दु, फिर सोचता हुँ होंगे दुनिया मे आपके भी अपने, कही अनजाने मे तुम्हे और ना रुला दु…
कभी कभी बहुत सताता है यह सवाल मुझे, हम मिले ही क्यों थे, जब हमें मिलना ही नहीं था
न जाने कौन सा आँसू मेरा राज़ खोल दे, हम इस ख़्याल से नज़रें झुकाए बैठे हैं।
तुम्हारी याद में आँसू बहाना यूँ भी जरूरी है, रुके दरिया के पानी को तो प्यासा भी नहीं छूता।
रोज पिलाता हूं एक जहर का प्याला उसे एक दर्द जो दिल में मरता ही नहीं है।..
जिंदगी बहुत छोटी है इसे, दुखी रहकर बर्बाद न करे, स्वछंद रहे, खुश रहे, वो करे जो आप करना चाहते है…
निकले जब आँसु आपकी आँखों से, दिल करता है सारी दुनिया जला दु, फिर सोचता हुँ होंगे दुनिया मे आपके भी अपने, कही अनजाने मे तुम्हे और ना रुला दु…
कभी कभी बहुत सताता है यह सवाल मुझे, हम मिले ही क्यों थे, जब हमें मिलना ही नहीं था