चैन मिलता था जिसे आ के पनाहों में मेरी, आज देता है वही अश्क निगाहों में मेरी।

चैन मिलता था जिसे आ के पनाहों में मेरी, आज देता है वही अश्क निगाहों में मेरी।

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फिर आज आँसुओं में नहाई हुई है रात, शायद हमारी तरह ही सताई हुई है रात।

उपर वाला भी अपना आशिक है, इसिलीऐ तो किसिका होने नहि देता

एक ही शख्स से मतलब था वो भी मतलबी निकला

जिंदगी मे बहुत बार ऎसा वक्त आयेगा, जब आपका चाहनेवाला ही आपको रुलायेगा, मगर विश्वास रखना उसकी वफा पे, अकेले मे वो आपसे ज्यादा आँसू बहायेगा…

जीवन बहुत छोटा है, अगर हम रोते हैं!

कभी कभी बहुत सताता है यह सवाल मुझे, हम मिले ही क्यों थे, जब हमें मिलना ही नहीं था

फिर आज आँसुओं में नहाई हुई है रात, शायद हमारी तरह ही सताई हुई है रात।

उपर वाला भी अपना आशिक है, इसिलीऐ तो किसिका होने नहि देता

एक ही शख्स से मतलब था वो भी मतलबी निकला

जिंदगी मे बहुत बार ऎसा वक्त आयेगा, जब आपका चाहनेवाला ही आपको रुलायेगा, मगर विश्वास रखना उसकी वफा पे, अकेले मे वो आपसे ज्यादा आँसू बहायेगा…

जीवन बहुत छोटा है, अगर हम रोते हैं!

कभी कभी बहुत सताता है यह सवाल मुझे, हम मिले ही क्यों थे, जब हमें मिलना ही नहीं था