तेरी नफ़रत ने ये क्या सिला दिया मुझे.. ज़हर गम-इ-जुदाई का पिला दिया मुझे….
दुश्मनो से मोहब्बत होने लगी मुझको, जैसे जैसे अपनों को आज़माते चले गए
चैन मिलता था जिसे आ के पनाहों में मेरी, आज देता है वही अश्क निगाहों में मेरी।
फिर आज आँसुओं में नहाई हुई है रात, शायद हमारी तरह ही सताई हुई है रात।
प्यार की लड़ाई में, जिसके दिल में अधिक प्यार रहता है वो हार जाता है
निकले जब आँसु आपकी आँखों से, दिल करता है सारी दुनिया जला दु, फिर सोचता हुँ होंगे दुनिया मे आपके भी अपने, कही अनजाने मे तुम्हे और ना रुला दु…
तेरी नफ़रत ने ये क्या सिला दिया मुझे.. ज़हर गम-इ-जुदाई का पिला दिया मुझे….
दुश्मनो से मोहब्बत होने लगी मुझको, जैसे जैसे अपनों को आज़माते चले गए
चैन मिलता था जिसे आ के पनाहों में मेरी, आज देता है वही अश्क निगाहों में मेरी।
फिर आज आँसुओं में नहाई हुई है रात, शायद हमारी तरह ही सताई हुई है रात।
प्यार की लड़ाई में, जिसके दिल में अधिक प्यार रहता है वो हार जाता है
निकले जब आँसु आपकी आँखों से, दिल करता है सारी दुनिया जला दु, फिर सोचता हुँ होंगे दुनिया मे आपके भी अपने, कही अनजाने मे तुम्हे और ना रुला दु…