निकले जब आँसु आपकी आँखों से, दिल करता है सारी दुनिया जला दु, फिर सोचता हुँ होंगे दुनिया मे आपके भी अपने, कही अनजाने मे तुम्हे और ना रुला दु…
ये तो इश्क़ का कोई लोकतंत्र नहीं होता, वरना रिश्वत देके तुझे अपना बना लेते
बहुत अजीब हैं तेरे बाद की ये बरसातें भी, हम अक्सर बन्द कमरे में भीग जाते हैं।
सोचा ही नहीं था जिंदगी में ऐसे भी फसाने होंगे, रोना भी जरुरी होगा आँसू भी छुपाने होंगे।
रोज पिलाता हूं एक जहर का प्याला उसे एक दर्द जो दिल में मरता ही नहीं है।..
जो आँसू आँख से अचानक निकल पड़ें, वजह उनकी ज़बान से बयां नहीं होती।
निकले जब आँसु आपकी आँखों से, दिल करता है सारी दुनिया जला दु, फिर सोचता हुँ होंगे दुनिया मे आपके भी अपने, कही अनजाने मे तुम्हे और ना रुला दु…
ये तो इश्क़ का कोई लोकतंत्र नहीं होता, वरना रिश्वत देके तुझे अपना बना लेते
बहुत अजीब हैं तेरे बाद की ये बरसातें भी, हम अक्सर बन्द कमरे में भीग जाते हैं।
सोचा ही नहीं था जिंदगी में ऐसे भी फसाने होंगे, रोना भी जरुरी होगा आँसू भी छुपाने होंगे।
रोज पिलाता हूं एक जहर का प्याला उसे एक दर्द जो दिल में मरता ही नहीं है।..
जो आँसू आँख से अचानक निकल पड़ें, वजह उनकी ज़बान से बयां नहीं होती।