हम तुम्हें मुफ़्त में जो मिले हैं, क़दर ना करना हक़ है तुम्हारा.

हम तुम्हें मुफ़्त में जो मिले हैं, क़दर ना करना हक़ है तुम्हारा.

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कुछ नहीं है आज मेरे शब्दों के गुलदस्ते में, कभी कभी मेरी खामोशियाँ भी पढ लिया करो…!!

है कोई वकील इस जहान में, जो हारा हुआ इश्क जीता दे मुझको.

कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे तुम्हारे सिवा, एक मौत ही है जिसका मैं वादा नही करता…

सुनो ना… हम पर मोहब्बत नही आती तुम्हें, रहम तो आता होगा?

कुछ शिकवे ऐसे थे कि, खुद ही किये और खुद ही सुने!!

मेरी दिल की दिवार पर तस्वीर हो तेरी _और तेरे हाथों में हो तकदीर मेरी!

कुछ नहीं है आज मेरे शब्दों के गुलदस्ते में, कभी कभी मेरी खामोशियाँ भी पढ लिया करो…!!

है कोई वकील इस जहान में, जो हारा हुआ इश्क जीता दे मुझको.

कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे तुम्हारे सिवा, एक मौत ही है जिसका मैं वादा नही करता…

सुनो ना… हम पर मोहब्बत नही आती तुम्हें, रहम तो आता होगा?

कुछ शिकवे ऐसे थे कि, खुद ही किये और खुद ही सुने!!

मेरी दिल की दिवार पर तस्वीर हो तेरी _और तेरे हाथों में हो तकदीर मेरी!