हाथ की लकीरें भी कितनी अजीब हैं, हाथ के अन्दर हैं पर काबू से बाहर.
माँ कहती है मेरी दौलत है तू,,, और बेटा किसी और को ज़िन्दगी मान बैठा है.
तुम अपने दिल को बेकरार किया करो, मेरी मोहब्बत पर ऐतबार किया करो, तुमसे जुदा होकर जी नहीं सकूंगा, कभी तुम भी मोहब्बत का इज़हार किया करो
ये तो ज़मीन की फितरत है की, वो हर चीज़ को मिटा देती हे वरना, तेरी याद में गिरने वाले आंसुओं का, अलग समंदर होता।
धोखा देती है शरीफ चेहरों की चमक अक्सर, हर कांच का टूकड़ा हीरा नहीं होता.
रख लू नज़र में चेहरा तेरा, दिन रात ईस पे मैं मरता रहू, जब तक ये साँसे चलती रहे, मैं तुझसे मोहब्बत करता रहू.
हाथ की लकीरें भी कितनी अजीब हैं, हाथ के अन्दर हैं पर काबू से बाहर.
माँ कहती है मेरी दौलत है तू,,, और बेटा किसी और को ज़िन्दगी मान बैठा है.
तुम अपने दिल को बेकरार किया करो, मेरी मोहब्बत पर ऐतबार किया करो, तुमसे जुदा होकर जी नहीं सकूंगा, कभी तुम भी मोहब्बत का इज़हार किया करो
ये तो ज़मीन की फितरत है की, वो हर चीज़ को मिटा देती हे वरना, तेरी याद में गिरने वाले आंसुओं का, अलग समंदर होता।
धोखा देती है शरीफ चेहरों की चमक अक्सर, हर कांच का टूकड़ा हीरा नहीं होता.
रख लू नज़र में चेहरा तेरा, दिन रात ईस पे मैं मरता रहू, जब तक ये साँसे चलती रहे, मैं तुझसे मोहब्बत करता रहू.