मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी..!!
गुज़रें हैं ज़िन्दगी में ऐसे भी लम्हे कभी कभी दिल रो पड़ा है .. सुनके लतीफ़े कभी कभी.
उसने महबूब ही तो बदला है ताज्जूब कैसा, दूआ कबूल ना हो तो लोग खूदा भी बदल लेते हैं !!
कुछ नहीं है आज मेरे शब्दों के गुलदस्ते में, कभी कभी मेरी खामोशियाँ भी पढ लिया करो…!!
धड़कने मेरी बेचैन रहती है आजकल, क्यूंकि तेरे बगैर ये धड़कती कम और तड़पती ज्यादा है.
इस बारिश के मौसम में अजीब सी कशिश है ना चाहते हुए भी कोई शिदत से याद आता है.
मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी..!!
गुज़रें हैं ज़िन्दगी में ऐसे भी लम्हे कभी कभी दिल रो पड़ा है .. सुनके लतीफ़े कभी कभी.
उसने महबूब ही तो बदला है ताज्जूब कैसा, दूआ कबूल ना हो तो लोग खूदा भी बदल लेते हैं !!
कुछ नहीं है आज मेरे शब्दों के गुलदस्ते में, कभी कभी मेरी खामोशियाँ भी पढ लिया करो…!!
धड़कने मेरी बेचैन रहती है आजकल, क्यूंकि तेरे बगैर ये धड़कती कम और तड़पती ज्यादा है.
इस बारिश के मौसम में अजीब सी कशिश है ना चाहते हुए भी कोई शिदत से याद आता है.