सुनो ना… हम पर मोहब्बत नही आती तुम्हें, रहम तो आता होगा?

सुनो ना… हम पर मोहब्बत नही आती तुम्हें, रहम तो आता होगा?

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जिसकी सजा तुम हो, मुझे ऐसा गुनाह करना हैं!

लाकर तेरे क़रीब मुझे दूर कर दिया, तक़दीर भी मेरे साथ एक चाल चल गयी.

कभी टूट कर बिखरो तो मेरे पास आ जाना, मुझे अपने जैसे लोग बहुत पसंद हैं

अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का, रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है।

दर्द तो तब होता है जब हमें किसी से प्यार हो और उनके दिल में कोई और हो

उसने कहा था आँख भरके देखा करो, अब आँख भर आती हैं पर वो नज़र नहीं आती!

जिसकी सजा तुम हो, मुझे ऐसा गुनाह करना हैं!

लाकर तेरे क़रीब मुझे दूर कर दिया, तक़दीर भी मेरे साथ एक चाल चल गयी.

कभी टूट कर बिखरो तो मेरे पास आ जाना, मुझे अपने जैसे लोग बहुत पसंद हैं

अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का, रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है।

दर्द तो तब होता है जब हमें किसी से प्यार हो और उनके दिल में कोई और हो

उसने कहा था आँख भरके देखा करो, अब आँख भर आती हैं पर वो नज़र नहीं आती!