इस बारिश के मौसम में अजीब सी कशिश है ना चाहते हुए भी कोई शिदत से याद आता है.

इस बारिश के मौसम में अजीब सी कशिश है ना चाहते हुए भी कोई शिदत से याद आता है.

Share:

More Like This

रिश्ते उन्ही से बनाओ जो निभाने की औकात रखते हो, बाकी हरेक दिल काबिल-ऐ-वफा नही होता।

दर्द तो तब होता है जब हमें किसी से प्यार हो और उनके दिल में कोई और हो

उसने कहा था आँख भरके देखा करो, अब आँख भर आती हैं पर वो नज़र नहीं आती!

वो बोलते रहे हम सुनते रहे, जवाब आँखों में था वो जुबान में ढूंढते रहे.

कुछ शिकवे ऐसे थे कि, खुद ही किये और खुद ही सुने!!

तूने फेसले ही फासले बढाने वाले किये थे, वरना कोई नहीं था, तुजसे ज्यादा करीब मेरे…

रिश्ते उन्ही से बनाओ जो निभाने की औकात रखते हो, बाकी हरेक दिल काबिल-ऐ-वफा नही होता।

दर्द तो तब होता है जब हमें किसी से प्यार हो और उनके दिल में कोई और हो

उसने कहा था आँख भरके देखा करो, अब आँख भर आती हैं पर वो नज़र नहीं आती!

वो बोलते रहे हम सुनते रहे, जवाब आँखों में था वो जुबान में ढूंढते रहे.

कुछ शिकवे ऐसे थे कि, खुद ही किये और खुद ही सुने!!

तूने फेसले ही फासले बढाने वाले किये थे, वरना कोई नहीं था, तुजसे ज्यादा करीब मेरे…