किसी ने धूल क्या झोंकी आखों में, पहले से बेहतर दिखने लगा है.

किसी ने धूल क्या झोंकी आखों में, पहले से बेहतर दिखने लगा है.

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क्या ऐसा नहीं हो सकता हम Pyaar मांगे… और तुम Humain गले लगा के कहो, और कुछ?

कुछ नहीं है आज मेरे शब्दों के गुलदस्ते में, कभी कभी मेरी खामोशियाँ भी पढ लिया करो…!!

दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है.

सुनो ना… हम पर मोहब्बत नही आती तुम्हें, रहम तो आता होगा?

तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ।

ऐ जिंदगी ख़त्म कर अब ये तमासा♫ मैं थक गया हूँ दिल को तसल्लियाँ देते देते

क्या ऐसा नहीं हो सकता हम Pyaar मांगे… और तुम Humain गले लगा के कहो, और कुछ?

कुछ नहीं है आज मेरे शब्दों के गुलदस्ते में, कभी कभी मेरी खामोशियाँ भी पढ लिया करो…!!

दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है.

सुनो ना… हम पर मोहब्बत नही आती तुम्हें, रहम तो आता होगा?

तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ।

ऐ जिंदगी ख़त्म कर अब ये तमासा♫ मैं थक गया हूँ दिल को तसल्लियाँ देते देते