क्रोध के नियंत्रण में होना व्यक्ति की दुर्बलता हैं और व्यक्ति द्वारा क्रोध को नियंत्रित करना शक्ति का परिचायक हैं…
आसमान में उड़ने वाले जरा ये खबर भी रख, जन्नत पहुँचने का रास्ता मिट्टी से ही गुजरता है।
जो व्यक्ति मन की पीड़ा को स्पष्ट रूप से कह नहीं सकता, उसी को क्रोध अधिक आता हैं…
देख मेरे जुते भी तेरी नियत से ज्यादा साफ़ है।
इरादे सब मेरे साफ़ होते हैं, इसीलिए, लोग अक्सर मेरे ख़िलाफ़ होते हैँ…!!!
"क्रोध से मूढ़ता उत्पन्न होती है, मूढ़ता से स्मृति भ्रांत हो जाती है, स्मृति भ्रांत हो जाने से बुद्धि का नाश हो जाता है और बुद्धि नष्ट होने पर प्राणी स्वयं नष्ट हो जाता है।"
क्रोध के नियंत्रण में होना व्यक्ति की दुर्बलता हैं और व्यक्ति द्वारा क्रोध को नियंत्रित करना शक्ति का परिचायक हैं…
आसमान में उड़ने वाले जरा ये खबर भी रख, जन्नत पहुँचने का रास्ता मिट्टी से ही गुजरता है।
जो व्यक्ति मन की पीड़ा को स्पष्ट रूप से कह नहीं सकता, उसी को क्रोध अधिक आता हैं…
देख मेरे जुते भी तेरी नियत से ज्यादा साफ़ है।
इरादे सब मेरे साफ़ होते हैं, इसीलिए, लोग अक्सर मेरे ख़िलाफ़ होते हैँ…!!!
"क्रोध से मूढ़ता उत्पन्न होती है, मूढ़ता से स्मृति भ्रांत हो जाती है, स्मृति भ्रांत हो जाने से बुद्धि का नाश हो जाता है और बुद्धि नष्ट होने पर प्राणी स्वयं नष्ट हो जाता है।"