आसमान बरसे तो छाता ले सकते हैं.. आंख बरसे तो क्या किया जाए..??

आसमान बरसे तो छाता ले सकते हैं.. आंख बरसे तो क्या किया जाए..??

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दास्तां सुनाऊं और मज़ाक़ बन जाऊँ बेहतर है मुस्कुराऊं और ख़ामोश रह जाऊँ

काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना

अब इन आँखों से भी जलन होती हैं मुझे ! खुली हो तो याद तेरी, और बंद हो तो ख्वाब तेरे !

काश तू सिर्फ मेरे होता या फिर मिला ही ना होता

कभी सोचा न था की वो भी मुझे तनहा कर जायेगा!जो अक्सर परेशान देखकर कहता था.... मैं हूँ न

ना शाख़ों ने जगह दी ना हवाओ ने बक़शा, वो पत्ता आवारा ना बनता तो क्या करता…..!!

दास्तां सुनाऊं और मज़ाक़ बन जाऊँ बेहतर है मुस्कुराऊं और ख़ामोश रह जाऊँ

काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना

अब इन आँखों से भी जलन होती हैं मुझे ! खुली हो तो याद तेरी, और बंद हो तो ख्वाब तेरे !

काश तू सिर्फ मेरे होता या फिर मिला ही ना होता

कभी सोचा न था की वो भी मुझे तनहा कर जायेगा!जो अक्सर परेशान देखकर कहता था.... मैं हूँ न

ना शाख़ों ने जगह दी ना हवाओ ने बक़शा, वो पत्ता आवारा ना बनता तो क्या करता…..!!