अब तो वक्त ही उसे बतायेगा, की कितने कीमती थे हम !!

अब तो वक्त ही उसे बतायेगा, की कितने कीमती थे हम !!

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कैसे भुला दूँ उस भूलने वाले को मैं.. मौत इंसानों को आती है यादों को नहीं

रिश्ते और पतंग जितनी उँचाई पर होते हैं काटने वालो की संख्या उतनी अधिक होती हैं?

गजब का हमदर्द था मेरा, जो दर्द के सिवा कुछ दे ना सका

आँखों में देखी जाती हैं.. प्यार की गहराईयाँ...शब्दों में तो छुप जाती हैं.. बहुत सी तन्हाईयाँ....

खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.

बहुत भीड हो गई है लोगों के दिलों में...इसलिए आजकल हम अकेले ही रहते हैं...!

कैसे भुला दूँ उस भूलने वाले को मैं.. मौत इंसानों को आती है यादों को नहीं

रिश्ते और पतंग जितनी उँचाई पर होते हैं काटने वालो की संख्या उतनी अधिक होती हैं?

गजब का हमदर्द था मेरा, जो दर्द के सिवा कुछ दे ना सका

आँखों में देखी जाती हैं.. प्यार की गहराईयाँ...शब्दों में तो छुप जाती हैं.. बहुत सी तन्हाईयाँ....

खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.

बहुत भीड हो गई है लोगों के दिलों में...इसलिए आजकल हम अकेले ही रहते हैं...!