क्यों तुम खामोश हो गये..जी अब तक नहीं भरा था तेरी बातों से..
किस_किस बात का गिला करें इस बेवफा जमाने मे, किसी ने दोस्ती छोडी, किसी ने दिल तोड़ा, किसी ने वादे तोड़े और, किसी ने तनहा छोड़ा !!!
काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना
आज परछाई से पूछ ही लिया, क्यों चलते हो.. मेरे साथ..उसने भी हंसके कहा, और कौन है...तेरे साथ !!
शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
ठोकर खाया हुआ दिल है...भीड से ज्यादा तन्हाई अच्छी लगती है....
क्यों तुम खामोश हो गये..जी अब तक नहीं भरा था तेरी बातों से..
किस_किस बात का गिला करें इस बेवफा जमाने मे, किसी ने दोस्ती छोडी, किसी ने दिल तोड़ा, किसी ने वादे तोड़े और, किसी ने तनहा छोड़ा !!!
काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना
आज परछाई से पूछ ही लिया, क्यों चलते हो.. मेरे साथ..उसने भी हंसके कहा, और कौन है...तेरे साथ !!
शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
ठोकर खाया हुआ दिल है...भीड से ज्यादा तन्हाई अच्छी लगती है....