भूल सा गया हैं बो मुझे, समज नहीं आ रहा की हम आम हो गए उनके लिए या कोई खास बन गया है !

भूल सा गया हैं बो मुझे, समज नहीं आ रहा की हम आम हो गए उनके लिए या कोई खास बन गया है !

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लोग कहते है हम मुस्कराते बहुत है…और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते…

तेरी जगह आज भी कोई नहीं ले सकता, पता नहीं तेरी खूबी है या तेरी कमी

कितने शौक से छोड़ दिया तुमने बात करना जैसे सदियों से तेरे ऊपर कोई बोझ थे हम

काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!

हर रोज़, हर वक़्त तुम्हारा ही ख्याल ना जाने किस कर्ज़ की किश्त हो तुम

खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.

लोग कहते है हम मुस्कराते बहुत है…और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते…

तेरी जगह आज भी कोई नहीं ले सकता, पता नहीं तेरी खूबी है या तेरी कमी

कितने शौक से छोड़ दिया तुमने बात करना जैसे सदियों से तेरे ऊपर कोई बोझ थे हम

काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!

हर रोज़, हर वक़्त तुम्हारा ही ख्याल ना जाने किस कर्ज़ की किश्त हो तुम

खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.