ना मीठे हैं और न बनने की कोशिश करते हैं, हम तो वो सच हैं जो सबको कड़वे लगते हैं...

ना मीठे हैं और न बनने की कोशिश करते हैं, हम तो वो सच हैं जो सबको कड़वे लगते हैं...

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मैने खेल हमेशा खुद के दम पर खेले है इसलिए तेरे जैसे आज मेरे चेले है

मेरी कोई बुरी आदत नहीं है बस गुस्सा कण्ट्रोल नहीं होता

मुझे मत ढूंढो हजारो मै हम बीका नहीं करते बाजारों मै

बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती

हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत, ये आखरी गलती जरा सोच समझकर करना…

अब तो वो होगा जो दिल फरमाए गा बाद में जो होगा देखा जाए गा

मैने खेल हमेशा खुद के दम पर खेले है इसलिए तेरे जैसे आज मेरे चेले है

मेरी कोई बुरी आदत नहीं है बस गुस्सा कण्ट्रोल नहीं होता

मुझे मत ढूंढो हजारो मै हम बीका नहीं करते बाजारों मै

बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती

हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत, ये आखरी गलती जरा सोच समझकर करना…

अब तो वो होगा जो दिल फरमाए गा बाद में जो होगा देखा जाए गा