इतने दर्द के बाद भी मुस्कुरा रहा हूँ ए ज़िंदगी देख तुझे कैसे हरा रहा हूँ मैं
निकलता है हर रोज़ 'सूरज', ये बताने के लिए.. कि उजाले बांट देने से उजाले कम नही होते..
लाख दलदल हो पाँव जमाए रखिये, हाथ खाली ही सही ऊपर उठाये रखिये, कौन कहता है छलनी में पानी रुक नहीं सकता, बर्फ बनने तक हौसला बनाये रखिये
❛"सुनना" सीख लीजिये तो "सहना" भी सीख जाओगे और सहना सीख लिया तो "रहना" भी सीख जाओगे❜
खुश रहकर गुजारो, तो, मस्त है जिदंगी,.. दुखी रहकर गुजारो, तो त्रस्त है जिंदगी, तुलना में गुजारो, तो पस्त है जिंदगी, इतंजार में गुजारो, तो सुस्त है जिंदगी, सीखने में गुजारो, तो किताब है जिंदगी, दिखावे में गुजारो, तो बर्बाद है जिदंगी, मिलती है एक बार, प्यार से बिताओ जिदंगी, जन्म तो रोज होते हैं, यादगार बनाओ जिंदगी!!
व्यक्ति के आचरण से उसके कुल का परिचय मिलता है. बोली से देश का पता लगता है. आदर-सत्कार से प्रेम का और शरीर से व्यक्ति के भोजन का पता लगता है.
इतने दर्द के बाद भी मुस्कुरा रहा हूँ ए ज़िंदगी देख तुझे कैसे हरा रहा हूँ मैं
निकलता है हर रोज़ 'सूरज', ये बताने के लिए.. कि उजाले बांट देने से उजाले कम नही होते..
लाख दलदल हो पाँव जमाए रखिये, हाथ खाली ही सही ऊपर उठाये रखिये, कौन कहता है छलनी में पानी रुक नहीं सकता, बर्फ बनने तक हौसला बनाये रखिये
❛"सुनना" सीख लीजिये तो "सहना" भी सीख जाओगे और सहना सीख लिया तो "रहना" भी सीख जाओगे❜
खुश रहकर गुजारो, तो, मस्त है जिदंगी,.. दुखी रहकर गुजारो, तो त्रस्त है जिंदगी, तुलना में गुजारो, तो पस्त है जिंदगी, इतंजार में गुजारो, तो सुस्त है जिंदगी, सीखने में गुजारो, तो किताब है जिंदगी, दिखावे में गुजारो, तो बर्बाद है जिदंगी, मिलती है एक बार, प्यार से बिताओ जिदंगी, जन्म तो रोज होते हैं, यादगार बनाओ जिंदगी!!
व्यक्ति के आचरण से उसके कुल का परिचय मिलता है. बोली से देश का पता लगता है. आदर-सत्कार से प्रेम का और शरीर से व्यक्ति के भोजन का पता लगता है.