मुर्ख व्यक्ति उपकार करने वाले का भी अपकार करता है। इसके विपरीत जो इसके विरुद्ध आचरण करता है, वह विद्वान कहलाता है।

मुर्ख व्यक्ति उपकार करने वाले का भी अपकार करता है। इसके विपरीत जो इसके विरुद्ध आचरण करता है, वह विद्वान कहलाता है।

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जिस समय भी आप यह सोचना शुरू कर देते है कि यदि मैं लक्ष्य को हासिल नही कर सका तो फिर क्या करूँगा उसी समय ही आप हार जाते है

कभी पीछे मुड़कर मत देखो क्योंकि जो छूट गया वो आपका था ही नही

पीछे मुड़कर देखने मे कोई समझदारी नही है जबकि आपके पास आगे देखने के लिए बहुत कुछ है

जंजीर नहीं कटती तो अपने पांव काट लो, लंगड़ा कर चलो, मगर आज़ादी से चलो

जिंदगी में इतना काबिल बनो की भगवान किसी गरीब की मदद करने के लिए तुम्हारी जेब का इस्तेमाल करे

संसार में सुई बनकर रहे, कैंची बनकर नही क्योंकि सुई 2 को 1 कर देती है और कैंची 1 को 2 कर देती है अर्थात सबको जोड़ो, तोड़ो नही

जिस समय भी आप यह सोचना शुरू कर देते है कि यदि मैं लक्ष्य को हासिल नही कर सका तो फिर क्या करूँगा उसी समय ही आप हार जाते है

कभी पीछे मुड़कर मत देखो क्योंकि जो छूट गया वो आपका था ही नही

पीछे मुड़कर देखने मे कोई समझदारी नही है जबकि आपके पास आगे देखने के लिए बहुत कुछ है

जंजीर नहीं कटती तो अपने पांव काट लो, लंगड़ा कर चलो, मगर आज़ादी से चलो

जिंदगी में इतना काबिल बनो की भगवान किसी गरीब की मदद करने के लिए तुम्हारी जेब का इस्तेमाल करे

संसार में सुई बनकर रहे, कैंची बनकर नही क्योंकि सुई 2 को 1 कर देती है और कैंची 1 को 2 कर देती है अर्थात सबको जोड़ो, तोड़ो नही