नाराजगी कभी वहाँ मत रखिये...जहाँ आपको बताना पड़े आप नाराज हो
कभी कभी आप बिना कुछ गलत किये भी बुरे बन जाते है क्योंकि जैसा लोग चाहते थे आप वैसा नही करते
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है
प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है
पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती
उस व्यक्ति के लिए सभी परिस्थितियां अच्छी हैं जो अपने भीतर खुशी संजो कर रखता है
नाराजगी कभी वहाँ मत रखिये...जहाँ आपको बताना पड़े आप नाराज हो
कभी कभी आप बिना कुछ गलत किये भी बुरे बन जाते है क्योंकि जैसा लोग चाहते थे आप वैसा नही करते
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है
प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है
पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती
उस व्यक्ति के लिए सभी परिस्थितियां अच्छी हैं जो अपने भीतर खुशी संजो कर रखता है