तकलीफ़े भी अच्छी है..
पहचान बनानी है तो
धन से ज्ञान उत्तम है, क्योंकि धन की रक्षा करनी पड़ती है और ज्ञान हमारी रक्षा करता है
खुद मालिक बनने की कोशिश जरूर करना क्योंकि आपका बॉस आपको अच्छी से अच्छी सैलरी देकर भी नौकर बना के रखेगा
दोषहीन कार्यों का होना दुर्लभ होता है।
जब ठोकर खा कर भी ... ना गिरो ... तो समझ लेना... की दुआओं ने थाम रखा है ...!!
तकलीफ़े भी अच्छी है..
पहचान बनानी है तो
धन से ज्ञान उत्तम है, क्योंकि धन की रक्षा करनी पड़ती है और ज्ञान हमारी रक्षा करता है
खुद मालिक बनने की कोशिश जरूर करना क्योंकि आपका बॉस आपको अच्छी से अच्छी सैलरी देकर भी नौकर बना के रखेगा
दोषहीन कार्यों का होना दुर्लभ होता है।
जब ठोकर खा कर भी ... ना गिरो ... तो समझ लेना... की दुआओं ने थाम रखा है ...!!