साईकिल और जिंदगी तभी बेहतर चल सकती है जब 'चैन' हो...

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चिंतन सदैव अकेले में किया जाए, ताकि विचार भंग होने की संभावना न रहे . पढाई में दो, गायन में तीन, यात्रा में चार और खेती में पाँच व्यक्तियों का साथ उत्तम माना गया है. इसी प्रकार युद्ध में अधिक संख्या बल का महत्व बढ़ जाता है.

बहुत मुश्किल है उस शख्स को गिराना, जिसको चलना ठोकरों ने सिखाया हो .

“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !

रिश्तो में झुकना कोई अजीब बात नही, सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए.

एक दिन में जितना मोबाइल चलाते हो..उतना ही दिमाग चलाओगे तो ज़िन्दगी में बहुत आगे जाओगे

दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है।

चिंतन सदैव अकेले में किया जाए, ताकि विचार भंग होने की संभावना न रहे . पढाई में दो, गायन में तीन, यात्रा में चार और खेती में पाँच व्यक्तियों का साथ उत्तम माना गया है. इसी प्रकार युद्ध में अधिक संख्या बल का महत्व बढ़ जाता है.

बहुत मुश्किल है उस शख्स को गिराना, जिसको चलना ठोकरों ने सिखाया हो .

“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !

रिश्तो में झुकना कोई अजीब बात नही, सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए.

एक दिन में जितना मोबाइल चलाते हो..उतना ही दिमाग चलाओगे तो ज़िन्दगी में बहुत आगे जाओगे

दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है।