सभी औषधियों में अमृत प्रधान है. सभी सुखों में भोजन प्रधान है. सभी इन्द्रियों में आँख मुख्य है. सभी अंगों में सिर महत्वपूर्ण है.
विद्या ही सर्वोच्च धन है. विद्या के कारण ही खाली हाथ होने पर भी विदेश में भी धन कमाया जा सकता है तथा मान सम्मान बढ़ाया जा सकता है. विद्या के अभाव में उच्च कुल में जन्मा व्यक्ति भी सम्मान नहीं पाता है.
जिसने साथ दिया उसका साथ दो परंतु जिसने त्याग दिया उसे तुम भी त्याग दो
किसी भी कार्य में पल भर का भी विलम्ब न करें।
आमदनी कम हो तो "ख़र्चों" पर क़ाबू रखिए जानकारी कम हो तो "लफ़्ज़ों" पर क़ाबू रखिए
नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।
सभी औषधियों में अमृत प्रधान है. सभी सुखों में भोजन प्रधान है. सभी इन्द्रियों में आँख मुख्य है. सभी अंगों में सिर महत्वपूर्ण है.
विद्या ही सर्वोच्च धन है. विद्या के कारण ही खाली हाथ होने पर भी विदेश में भी धन कमाया जा सकता है तथा मान सम्मान बढ़ाया जा सकता है. विद्या के अभाव में उच्च कुल में जन्मा व्यक्ति भी सम्मान नहीं पाता है.
जिसने साथ दिया उसका साथ दो परंतु जिसने त्याग दिया उसे तुम भी त्याग दो
किसी भी कार्य में पल भर का भी विलम्ब न करें।
आमदनी कम हो तो "ख़र्चों" पर क़ाबू रखिए जानकारी कम हो तो "लफ़्ज़ों" पर क़ाबू रखिए
नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।