किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है
लम्बा सफ़र तय करना है तो...ठोकरों से मुलाकात लाज़मी है...!!
हमेशा खुश रहा करो ये सोच कर की दुनिया में हमसे ज्यादा परेशान ओर लोग भी है
खुद की समझदारी भी
किसी को झुकाने से पहले सोच लेना पहले आपको झुकना पड़ेगा
मनुष्य जैसे लोगों के बीच उठता-बैठता है, जैसो की सेवा करता है तथा जैसा बनने की कमाना करता है, वैसा ही बन जाता है।
किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है
लम्बा सफ़र तय करना है तो...ठोकरों से मुलाकात लाज़मी है...!!
हमेशा खुश रहा करो ये सोच कर की दुनिया में हमसे ज्यादा परेशान ओर लोग भी है
खुद की समझदारी भी
किसी को झुकाने से पहले सोच लेना पहले आपको झुकना पड़ेगा
मनुष्य जैसे लोगों के बीच उठता-बैठता है, जैसो की सेवा करता है तथा जैसा बनने की कमाना करता है, वैसा ही बन जाता है।