साईकिल और जिंदगी तभी बेहतर चल सकती है जब 'चैन' हो...

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साधुजन के दर्शन से पुण्य प्राप्त होता है. साधु तीर्थों के समान होते हैं, तीर्थों का फल तो कुछ समय बाद मिलता है, किन्तु साधु समागम तुरंत फल देता है’

झाँकने की कुछ.. बेहतरीन जगहों में से, एक जगह .. अपना गिरेबान भी है!

मुश्किल परिस्थितियों में मनुष्य को सहारे की आवश्यकता होती है सलाह की नही

कोई भी हमें सुख या दुख नही दे सकता , बल्कि हमारे सोचने का तरीका ही हमारे सुख व दुख का कारण होता है।✨

अक्सर अकेलेपन से जो गुजरता हैं वही ज़िंदगी में सही फैसलों को चुनता हैं.

हर एक की सुनो ओर हर एक से सीखो क्योंकि हर कोई , सब कुछ नही जानता लेकिन हर एक कुछ ना कुछ

साधुजन के दर्शन से पुण्य प्राप्त होता है. साधु तीर्थों के समान होते हैं, तीर्थों का फल तो कुछ समय बाद मिलता है, किन्तु साधु समागम तुरंत फल देता है’

झाँकने की कुछ.. बेहतरीन जगहों में से, एक जगह .. अपना गिरेबान भी है!

मुश्किल परिस्थितियों में मनुष्य को सहारे की आवश्यकता होती है सलाह की नही

कोई भी हमें सुख या दुख नही दे सकता , बल्कि हमारे सोचने का तरीका ही हमारे सुख व दुख का कारण होता है।✨

अक्सर अकेलेपन से जो गुजरता हैं वही ज़िंदगी में सही फैसलों को चुनता हैं.

हर एक की सुनो ओर हर एक से सीखो क्योंकि हर कोई , सब कुछ नही जानता लेकिन हर एक कुछ ना कुछ