साईकिल और जिंदगी तभी बेहतर चल सकती है जब 'चैन' हो...

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मौन एक ऐसा तर्क है जिसका खण्डन कर पाना अत्यंत दुष्कर है

ज्ञान से बढ़कर कोई दूसरा गुरु नहीं, काम-वासना के समान कोई दूसरा रोग नहीं, क्रोध के समान कोई आग नहीं और अज्ञानता के जैसा शत्रु कोई नहीं.

कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करने पर एक बहुमूल्य संपत्ति विकसित होती है, जिसका नाम है

फिल्टर सिर्फ चित्र का होता है

रिश्ता रखो तो सच्चा नही तो अलविदा ही अच्छा

जिंदगी हमेशा एक मौका और देती है आसान शब्दों में जिसे “आज” कहते हैं

मौन एक ऐसा तर्क है जिसका खण्डन कर पाना अत्यंत दुष्कर है

ज्ञान से बढ़कर कोई दूसरा गुरु नहीं, काम-वासना के समान कोई दूसरा रोग नहीं, क्रोध के समान कोई आग नहीं और अज्ञानता के जैसा शत्रु कोई नहीं.

कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करने पर एक बहुमूल्य संपत्ति विकसित होती है, जिसका नाम है

फिल्टर सिर्फ चित्र का होता है

रिश्ता रखो तो सच्चा नही तो अलविदा ही अच्छा

जिंदगी हमेशा एक मौका और देती है आसान शब्दों में जिसे “आज” कहते हैं