कुछ कर गुजरने लिए मौसम नहीं मन चाहिए; रास्ते तो अपने बन जायेंगे बस होसलो का धन चाहिए|

कुछ कर गुजरने लिए मौसम नहीं मन चाहिए; रास्ते तो अपने बन जायेंगे बस होसलो का धन चाहिए|

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गुणी व्यक्ति का आश्रय लेने से निर्गुणी भी गुणी हो जाता है।

कभी गिर जाओ तो खुद ही उठ जाना, क्यूँकी लोग सिर्फ गिरे हुए पैसे उठाते है इंसान नहीं

किसी पर ज्यादा नाराज होने से बेहतर है कि अपने जीवन मे उसकी अहमियत कम कर दो

हर प्रशंसा करने वाला आपका शुभचिंतक नही होता

खुश रहना है तो जिंदगी के फैसले अपनी परिस्थिति देखकर ले दुनिया को देखकर जो फैसले लेते है वो दुःखी ही रहते हैं

दुख पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुःखी रहोगे..सुख पर ध्यान दोगे तो सुखी रहोगे.जिस चीज पर तुम ध्यान दोगे वह सक्रिय हो जाती है ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है

गुणी व्यक्ति का आश्रय लेने से निर्गुणी भी गुणी हो जाता है।

कभी गिर जाओ तो खुद ही उठ जाना, क्यूँकी लोग सिर्फ गिरे हुए पैसे उठाते है इंसान नहीं

किसी पर ज्यादा नाराज होने से बेहतर है कि अपने जीवन मे उसकी अहमियत कम कर दो

हर प्रशंसा करने वाला आपका शुभचिंतक नही होता

खुश रहना है तो जिंदगी के फैसले अपनी परिस्थिति देखकर ले दुनिया को देखकर जो फैसले लेते है वो दुःखी ही रहते हैं

दुख पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुःखी रहोगे..सुख पर ध्यान दोगे तो सुखी रहोगे.जिस चीज पर तुम ध्यान दोगे वह सक्रिय हो जाती है ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है