चंचल चित वाले के कार्य कभी समाप्त नहीं होते।
भोजन महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण है कार्य व उसके प्रति निष्ठा. पेट तो जानवर भी भर लेते हैं. अतः मानव बनो.
सबको ओढनी है मिट्टी की चादर एक दिन, ऐसा कोई दिया नहीं जिस पर हवा की नजर नहीं
रख हौसला वो मन्ज़र भी आएगा, प्यासे के पास चल के समंदर भी आयेगा,
रिश्तो की सिलाई अगर भावनाओ से हुई है तो टूटना मुश्किल है और अगर स्वार्थ से हुई है, तो टिकना मुश्किल है.
यदि आप पैसा खर्च करते समय सोचते है तो इसका मतलब यह है कि आप मेहनत का पैसा कमा रहे है
चंचल चित वाले के कार्य कभी समाप्त नहीं होते।
भोजन महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण है कार्य व उसके प्रति निष्ठा. पेट तो जानवर भी भर लेते हैं. अतः मानव बनो.
सबको ओढनी है मिट्टी की चादर एक दिन, ऐसा कोई दिया नहीं जिस पर हवा की नजर नहीं
रख हौसला वो मन्ज़र भी आएगा, प्यासे के पास चल के समंदर भी आयेगा,
रिश्तो की सिलाई अगर भावनाओ से हुई है तो टूटना मुश्किल है और अगर स्वार्थ से हुई है, तो टिकना मुश्किल है.
यदि आप पैसा खर्च करते समय सोचते है तो इसका मतलब यह है कि आप मेहनत का पैसा कमा रहे है