जिन रिश्तों में आपकी मौजूदगी का कोई मतलब नही हो वहाँ से
दूसरों की गलती से भी सीखा करो, खुद की गलती से सीखने चलोगे तो सफलता जल्दी नहीं मिलेगी
खुद से जितना दुनिया की सबसे बड़ी जीत है
सुख दुख तो अतिथि है, बारी बारी से आएंगे, चले जाएंगे यदि वह नहीं आएंगे तो, हम अनुभव कहां से लाएंगे
समय कई ज़ख्म देता है इसलिए घड़ी में फूल नही काटे होते है
एक इच्छा तुम्हे मंजिल तक पंहुचा देगी... लेकिन अनेक इछाइए तुम्हे मंजिल से भटका देग
जिन रिश्तों में आपकी मौजूदगी का कोई मतलब नही हो वहाँ से
दूसरों की गलती से भी सीखा करो, खुद की गलती से सीखने चलोगे तो सफलता जल्दी नहीं मिलेगी
खुद से जितना दुनिया की सबसे बड़ी जीत है
सुख दुख तो अतिथि है, बारी बारी से आएंगे, चले जाएंगे यदि वह नहीं आएंगे तो, हम अनुभव कहां से लाएंगे
समय कई ज़ख्म देता है इसलिए घड़ी में फूल नही काटे होते है
एक इच्छा तुम्हे मंजिल तक पंहुचा देगी... लेकिन अनेक इछाइए तुम्हे मंजिल से भटका देग