एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं
दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.
बुरा लगता है हर बार किसी को अपनी याद दिलाना जिन में वफ़ा होती है खुद ही याद कर लेते हैं
"कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था."
जिनको मेरी फ़िक्र नहीं उनका अब से कोई ज़िक्र नहीं
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं
दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.
बुरा लगता है हर बार किसी को अपनी याद दिलाना जिन में वफ़ा होती है खुद ही याद कर लेते हैं
"कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था."
जिनको मेरी फ़िक्र नहीं उनका अब से कोई ज़िक्र नहीं