पहचान बनानी है तो
काम मनुष्य का सबसे बड़ा रोग है. अज्ञान या मोह सबसे बड़ा शत्रु है. क्रोध मनुष्य को जला देने वाली भयंकर अग्नि है तथा आत्मज्ञान ही परम सुख है.
फासले जब महसूस होने लगे तो बना भी लेने चाहिए
आपके पास जितना समय अभी है, उससे अधिक समय कभी नहीं होगा
लोग आपकी कदर तभी करेंगे जब आप उनको उन्ही की तरह अनदेखा करना सीख जाओगे
“हमें किसी भी ख़ास समय के लिए इन्तजार नहीं करना चाहिए बल्कि अपने हर समय को ख़ास बनाने की पूरी तरह से कोशिश करनी चाहिए।”
पहचान बनानी है तो
काम मनुष्य का सबसे बड़ा रोग है. अज्ञान या मोह सबसे बड़ा शत्रु है. क्रोध मनुष्य को जला देने वाली भयंकर अग्नि है तथा आत्मज्ञान ही परम सुख है.
फासले जब महसूस होने लगे तो बना भी लेने चाहिए
आपके पास जितना समय अभी है, उससे अधिक समय कभी नहीं होगा
लोग आपकी कदर तभी करेंगे जब आप उनको उन्ही की तरह अनदेखा करना सीख जाओगे
“हमें किसी भी ख़ास समय के लिए इन्तजार नहीं करना चाहिए बल्कि अपने हर समय को ख़ास बनाने की पूरी तरह से कोशिश करनी चाहिए।”