सत्य कड़वा नहीं होता (जनाब,) तुम सिर्फ झूठ के स्वाद से वाकिफ़ हो।
चुप रहना कुछ कहने से बेहतर है अगर सामने वाला समझता ही ना हो तुम्हे
अपानी सेहत से प्रेम कीजिये वरना आप किसी से भी प्रेम करने के लायक नही रहेंगे..
अगर कुछ तोड़ना है तो रिकॉर्ड तोड़ो किसी का हौसला नही
कुछ सहन करना सीखना चाहिए क्योंकि हममें भी ऐसी बहुत सी कमियां है जिन्हें दूसरे लोग सहन करते है
इंसान की तरह बोलना न आये तो जानवर की तरह मौन रहना अच्छा है।
सत्य कड़वा नहीं होता (जनाब,) तुम सिर्फ झूठ के स्वाद से वाकिफ़ हो।
चुप रहना कुछ कहने से बेहतर है अगर सामने वाला समझता ही ना हो तुम्हे
अपानी सेहत से प्रेम कीजिये वरना आप किसी से भी प्रेम करने के लायक नही रहेंगे..
अगर कुछ तोड़ना है तो रिकॉर्ड तोड़ो किसी का हौसला नही
कुछ सहन करना सीखना चाहिए क्योंकि हममें भी ऐसी बहुत सी कमियां है जिन्हें दूसरे लोग सहन करते है
इंसान की तरह बोलना न आये तो जानवर की तरह मौन रहना अच्छा है।