हमेशा दूसरों की सफलता के बारे में जानने के बजाय खुद की सफलता पर काम कीजिए
शासक को स्वयं योग्य बनकर योग्य प्रशासकों की सहायता से शासन करना चाहिए।
दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है।
तकदीर ऐसे ही नहीं बदलती, पहले अपनी सोच को बदलना पड़ता है .
किसी भी व्यक्ति को ज्यादा सुधारना चाहोगे तो वो आपका दुश्मन बन जायेगा
जब से मुझे पता चला है कि मेरा आत्मविश्वास मेरे साथ है तब से मैने ये सोचना बंद कर दिया कि कौन मेरे खिलाफ है
हमेशा दूसरों की सफलता के बारे में जानने के बजाय खुद की सफलता पर काम कीजिए
शासक को स्वयं योग्य बनकर योग्य प्रशासकों की सहायता से शासन करना चाहिए।
दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है।
तकदीर ऐसे ही नहीं बदलती, पहले अपनी सोच को बदलना पड़ता है .
किसी भी व्यक्ति को ज्यादा सुधारना चाहोगे तो वो आपका दुश्मन बन जायेगा
जब से मुझे पता चला है कि मेरा आत्मविश्वास मेरे साथ है तब से मैने ये सोचना बंद कर दिया कि कौन मेरे खिलाफ है