दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..
ज़ारा दिल का दर्द कम होने दो फ़िर लोगों की उनकी औक़ात याद दिलाएंगे
मत पूछो कि कैसे हैं तुम कभी भूल नहीं पाओगे ऐसे हैं हम
मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।
“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!
जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!
दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..
ज़ारा दिल का दर्द कम होने दो फ़िर लोगों की उनकी औक़ात याद दिलाएंगे
मत पूछो कि कैसे हैं तुम कभी भूल नहीं पाओगे ऐसे हैं हम
मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।
“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!
जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!