बुराई भी होनी ज़रूरी है छोटे हर रोज़ तारीफ मिलेगी तोह आगे नहीं बढ़ पाएगे
बदले नहीं हे हम बस जान गए हे दुनिया को
सिक्का दोनों का होता है हेड का भी ओर टेल का भी पर वक़्त उसी का आता है जो पलट कर ऊपर आता है |
मैं क्या हूँ ये सिर्फ में जानता हूँ बाकी दुनिया तो सिर्फ अंदाज़ा लगा सकती है
बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं
वक्त का ख़ास होना जरूरी नहीं है ख़ास के लिए वक्त होना जरूरी है
बुराई भी होनी ज़रूरी है छोटे हर रोज़ तारीफ मिलेगी तोह आगे नहीं बढ़ पाएगे
बदले नहीं हे हम बस जान गए हे दुनिया को
सिक्का दोनों का होता है हेड का भी ओर टेल का भी पर वक़्त उसी का आता है जो पलट कर ऊपर आता है |
मैं क्या हूँ ये सिर्फ में जानता हूँ बाकी दुनिया तो सिर्फ अंदाज़ा लगा सकती है
बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं
वक्त का ख़ास होना जरूरी नहीं है ख़ास के लिए वक्त होना जरूरी है