दोषहीन कार्यों का होना दुर्लभ होता है।
किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है
भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।
मेहनत लगती है सपनों को सच बनाने में, हौसला लगता है बुलन्दियों को पाने में, बरसो लगते है जिन्दगी बनाने में, और जिन्दगी फिर भी कम पडती है रिश्ते निभाने में।!
यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो
इस दुनिया में सब कुछ एकदम से नहीं मिल जाता| परिश्रम करना पड़ता है और वह भी लगन से! सूरज भी एक दम से नहीं उग जाता, वह भी धीरे धीरे उठकर संसार को प्रकाशित करता है। अगर आप में धैर्य है, साहस है तो आप जीवन में नयी ऊंचाइयों को छू सकते हैं।
दोषहीन कार्यों का होना दुर्लभ होता है।
किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है
भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।
मेहनत लगती है सपनों को सच बनाने में, हौसला लगता है बुलन्दियों को पाने में, बरसो लगते है जिन्दगी बनाने में, और जिन्दगी फिर भी कम पडती है रिश्ते निभाने में।!
यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो
इस दुनिया में सब कुछ एकदम से नहीं मिल जाता| परिश्रम करना पड़ता है और वह भी लगन से! सूरज भी एक दम से नहीं उग जाता, वह भी धीरे धीरे उठकर संसार को प्रकाशित करता है। अगर आप में धैर्य है, साहस है तो आप जीवन में नयी ऊंचाइयों को छू सकते हैं।