विकल्प मिलेंगे बहुत, मार्ग भटकने के लिए संकल्प एक ही काफी है मंज़िल तक जाने के लिए.

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कभी पीछे मुड़कर मत देखो क्योंकि जो छूट गया वो आपका था ही नही

इंसान को इंसान के नजरिये से तोलिये दो शब्द ही सही मगर प्यार से बोलिये

इंसान कहता हैं कि पैसा आये तो मैं कुछ कर के दिखाऊ और पैसा कहता हैं कि तू कुछ कर तो मैं आऊं.

जो नहीं लड़ते वही तो हार जाते हैं हौसले वाले तो बाज़ी मार जाते हैं...

हमें किसी भी ख़ास समय के लिए इन्तजार नहीं करना चाहिए बल्कि अपने हर समय को ख़ास बनाने की पूरी तरह से कोशिश करनी चाहिए

कभी यह मत सोचो कि आप अकेले हो बल्कि यह सोचो की आप अकेले ही काफी हो

कभी पीछे मुड़कर मत देखो क्योंकि जो छूट गया वो आपका था ही नही

इंसान को इंसान के नजरिये से तोलिये दो शब्द ही सही मगर प्यार से बोलिये

इंसान कहता हैं कि पैसा आये तो मैं कुछ कर के दिखाऊ और पैसा कहता हैं कि तू कुछ कर तो मैं आऊं.

जो नहीं लड़ते वही तो हार जाते हैं हौसले वाले तो बाज़ी मार जाते हैं...

हमें किसी भी ख़ास समय के लिए इन्तजार नहीं करना चाहिए बल्कि अपने हर समय को ख़ास बनाने की पूरी तरह से कोशिश करनी चाहिए

कभी यह मत सोचो कि आप अकेले हो बल्कि यह सोचो की आप अकेले ही काफी हो