साहब, घायल तो यहाँ हर एक परिंदा है मगर जो फिरसे उड़ सका वही जिन्दा है

साहब, घायल तो यहाँ हर एक परिंदा है मगर जो फिरसे उड़ सका वही जिन्दा है

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हमेशा अपनी "बात" कहनें का अन्दाज खूबसूरत रखो.... ताकि "जवाब" भीं खूबसूरत सुन सको.. प्रेम की धारा, बहती है जिस दिल में, चर्चा उसकी होती है, हर महफ़िल में.

अगर कुछ तोड़ना है तो रिकॉर्ड तोड़ो किसी का हौसला नही

यदि तुम अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से नही जिओगे, तो लोग अपने तरीके तुम पर लाद देंगे

अपनो से इतनी दूरी ना बढ़ाए की दरवाजा खुला हो फिर भी खटखटाना पड़े

सोने के साथ मिलकर चांदी भी सोने जैसी दिखाई पड़ती है अर्थात सत्संग का प्रभाव मनुष्य पर अवश्य पड़ता है।

आपको दिशा-निर्देशों की आवश्यकता नहीं है, बस अपने आप को टॉप पर देखो और चलते जाओ!

हमेशा अपनी "बात" कहनें का अन्दाज खूबसूरत रखो.... ताकि "जवाब" भीं खूबसूरत सुन सको.. प्रेम की धारा, बहती है जिस दिल में, चर्चा उसकी होती है, हर महफ़िल में.

अगर कुछ तोड़ना है तो रिकॉर्ड तोड़ो किसी का हौसला नही

यदि तुम अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से नही जिओगे, तो लोग अपने तरीके तुम पर लाद देंगे

अपनो से इतनी दूरी ना बढ़ाए की दरवाजा खुला हो फिर भी खटखटाना पड़े

सोने के साथ मिलकर चांदी भी सोने जैसी दिखाई पड़ती है अर्थात सत्संग का प्रभाव मनुष्य पर अवश्य पड़ता है।

आपको दिशा-निर्देशों की आवश्यकता नहीं है, बस अपने आप को टॉप पर देखो और चलते जाओ!