साहब, घायल तो यहाँ हर एक परिंदा है मगर जो फिरसे उड़ सका वही जिन्दा है

साहब, घायल तो यहाँ हर एक परिंदा है मगर जो फिरसे उड़ सका वही जिन्दा है

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एक ऐसा लक्ष्य भी होना चाहिए जो सुबह उठने पर मजबूर कर दे.

जो आपके शब्दों का "मूल्य" नहीं समझता उसके सामने मौन रहना ही बेहतर है.

ढुढो सुकून तोह ख़ुद में हे दूसरो में सिर्फ उलझन मिलेगी

अच्छे के साथ बुरा भी उसके अच्छे के लिए ही होता है..

यदि तुम अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से नही जिओगे, तो लोग अपने तरीके तुम पर लाद देंगे

जीवन में उन सपनों का कोई महत्व नही जिनको पूरा करने के लिए अपनो से ही छल करना पडे

एक ऐसा लक्ष्य भी होना चाहिए जो सुबह उठने पर मजबूर कर दे.

जो आपके शब्दों का "मूल्य" नहीं समझता उसके सामने मौन रहना ही बेहतर है.

ढुढो सुकून तोह ख़ुद में हे दूसरो में सिर्फ उलझन मिलेगी

अच्छे के साथ बुरा भी उसके अच्छे के लिए ही होता है..

यदि तुम अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से नही जिओगे, तो लोग अपने तरीके तुम पर लाद देंगे

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