साहब, घायल तो यहाँ हर एक परिंदा है मगर जो फिरसे उड़ सका वही जिन्दा है

साहब, घायल तो यहाँ हर एक परिंदा है मगर जो फिरसे उड़ सका वही जिन्दा है

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वक़्त से लड़कर जो अपना नसीब बदल दे, इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे,

जो जिस कार्ये में कुशल हो उसे उसी कार्ये में लगना चाहिए।

उन पर ध्यान मत दीजिये जो आपकी पीठ पीछे बात करते है , इसका सीधा अर्थ है कि आप उनसे दो कदम आगे है

जीवन मे आपको रोकने-टोकने वाला कोई है तो उसका एहसान मानिए, क्योंकि जिन बागों में माली नही होते, वो बाग जल्दी उजड़ जाते है

मन खुश है तो,, एक बूँद भी बरसात है.. दुखी मन के आगे,, समंदर की क्या औकात है

जिन्दगी की हर सुबह कुछ शर्ते लेके आती है। और जिन्दगी की हर शाम कुछ तर्जुबे देके जाती है।

वक़्त से लड़कर जो अपना नसीब बदल दे, इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे,

जो जिस कार्ये में कुशल हो उसे उसी कार्ये में लगना चाहिए।

उन पर ध्यान मत दीजिये जो आपकी पीठ पीछे बात करते है , इसका सीधा अर्थ है कि आप उनसे दो कदम आगे है

जीवन मे आपको रोकने-टोकने वाला कोई है तो उसका एहसान मानिए, क्योंकि जिन बागों में माली नही होते, वो बाग जल्दी उजड़ जाते है

मन खुश है तो,, एक बूँद भी बरसात है.. दुखी मन के आगे,, समंदर की क्या औकात है

जिन्दगी की हर सुबह कुछ शर्ते लेके आती है। और जिन्दगी की हर शाम कुछ तर्जुबे देके जाती है।