साहब, घायल तो यहाँ हर एक परिंदा है मगर जो फिरसे उड़ सका वही जिन्दा है

साहब, घायल तो यहाँ हर एक परिंदा है मगर जो फिरसे उड़ सका वही जिन्दा है

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जिस दिन आपने दुसरो की गलती को ढूंढना छोड़ दिया समझो उस दिन से आपने शांति का एहसास करना शुरू कर दिया

कश्ती भी नहीं बदली दरिया भी नहीं बदला पर हम डूबने वालो का जज़्बा भी नहीं बदला है शौक-ए-सफ़र ऐसा, कि एक उम्र से हमने मंज़िल भी नहीं पायी और रस्ता भी नहीं बदला

सबको खुश नही रखा जा सकता है, इसलिए भगवान बनने की कोशिश न कर

भाग्य पुरुषार्थी के पीछे चलता है।

घमंड शराब की तरह है आपके अलावा सबको पता है की आपको चढ़ गई है

जल्द मिलने वाली चीजे ज्यादा दिन तक नही चलती, और जो चीजे ज्यादा दिन तक चलती है वो जल्दी नही मिलती।

जिस दिन आपने दुसरो की गलती को ढूंढना छोड़ दिया समझो उस दिन से आपने शांति का एहसास करना शुरू कर दिया

कश्ती भी नहीं बदली दरिया भी नहीं बदला पर हम डूबने वालो का जज़्बा भी नहीं बदला है शौक-ए-सफ़र ऐसा, कि एक उम्र से हमने मंज़िल भी नहीं पायी और रस्ता भी नहीं बदला

सबको खुश नही रखा जा सकता है, इसलिए भगवान बनने की कोशिश न कर

भाग्य पुरुषार्थी के पीछे चलता है।

घमंड शराब की तरह है आपके अलावा सबको पता है की आपको चढ़ गई है

जल्द मिलने वाली चीजे ज्यादा दिन तक नही चलती, और जो चीजे ज्यादा दिन तक चलती है वो जल्दी नही मिलती।