घमंड ना करो अपने रूप और रुपए का मोर को उसके पंखों का भोज ऊँचा उड़ने नही देता
अगर हम खुद की माने और विश्वाश करे तो हमारा हर कदम सफलता है
मन होना चाहिए किसी को याद करने का वक्त तो अपने आप ही मिल जाता है
काश ! कि मैंने उस चीज को पाने की कभी तमन्ना ना की होती जिंदगी में, जिसे पाने की ना औकात है मेरी , ना तकदीर से हकदार हूँ मैं उस चीज का....
अभी से वो होना शुरू कीजिये जो आप भविष्य में होंगे
मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों ना हो उसके रास्ते हमेशा पैरों के नीचे से ही जाते है।
घमंड ना करो अपने रूप और रुपए का मोर को उसके पंखों का भोज ऊँचा उड़ने नही देता
अगर हम खुद की माने और विश्वाश करे तो हमारा हर कदम सफलता है
मन होना चाहिए किसी को याद करने का वक्त तो अपने आप ही मिल जाता है
काश ! कि मैंने उस चीज को पाने की कभी तमन्ना ना की होती जिंदगी में, जिसे पाने की ना औकात है मेरी , ना तकदीर से हकदार हूँ मैं उस चीज का....
अभी से वो होना शुरू कीजिये जो आप भविष्य में होंगे
मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों ना हो उसके रास्ते हमेशा पैरों के नीचे से ही जाते है।