खुशियाँ चाहे किसीके साथ भी बाँट लो, लेकिन गम भरोसेमंद के साथ ही बाँटना चाहिए
जिंदगी के हर मोड़ पर हमे वही करना चाहिये..... जो हमारा दिल हमसे कहे, क्योंकि जो दिमाग कहता है वो "मज़बूरी" होती है, और जो दिल कहता है वो "मंजूरी" होती है...
ऊँचे ख्वाबों के लिए... दिल की गहराई से काम करना पड़ता है यूँ ही नहीं मिलती सफलता किसी को.. मेहनत की आग में दिन-रात जलना पड़ता है
अगर आप हमेशा अहंकार से भरे रहते हैं तो फिर इस दुनिया में आपके लिए सीखने को कुछ भी नहीं है ।
सुख दुख तो अतिथि है, बारी बारी से आएंगे, चले जाएंगे यदि वह नहीं आएंगे तो, हम अनुभव कहां से लाएंगे
इच्छा पूरी ना हो तो क्रोध बढ़ता है अगर इच्छा पूरी हो तो लोभ बढ़ता है जीवन मे इसलिए हर एक इस्थिति में धैर्य बनाये रखना ही श्रेष्ठता है।
खुशियाँ चाहे किसीके साथ भी बाँट लो, लेकिन गम भरोसेमंद के साथ ही बाँटना चाहिए
जिंदगी के हर मोड़ पर हमे वही करना चाहिये..... जो हमारा दिल हमसे कहे, क्योंकि जो दिमाग कहता है वो "मज़बूरी" होती है, और जो दिल कहता है वो "मंजूरी" होती है...
ऊँचे ख्वाबों के लिए... दिल की गहराई से काम करना पड़ता है यूँ ही नहीं मिलती सफलता किसी को.. मेहनत की आग में दिन-रात जलना पड़ता है
अगर आप हमेशा अहंकार से भरे रहते हैं तो फिर इस दुनिया में आपके लिए सीखने को कुछ भी नहीं है ।
सुख दुख तो अतिथि है, बारी बारी से आएंगे, चले जाएंगे यदि वह नहीं आएंगे तो, हम अनुभव कहां से लाएंगे
इच्छा पूरी ना हो तो क्रोध बढ़ता है अगर इच्छा पूरी हो तो लोभ बढ़ता है जीवन मे इसलिए हर एक इस्थिति में धैर्य बनाये रखना ही श्रेष्ठता है।