खुद के पीछे हटने से अगर सभी का भला हो तो हट जाने में कोई बुराई नहीं है |

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कुछ भी "कर्म करो" हमेशा एक बात ध्यान रखो की “परमात्मा" Online है

बाहर की चुनौतियों से नहीं हम अपने अंदर आत्मविश्वास की कमी के कारण असफल होते है

लक्ष्मी चंचल है. प्राण, जीवन, शरीर सब कुछ चंचल और नाशवान हैं. संसार में केवल धर्म ही निश्चल है.

इंसान कहता हैं कि पैसा आये तो मैं कुछ कर के दिखाऊ और पैसा कहता हैं कि तू कुछ कर तो मैं आऊं.

अपने नॉलेज पर की हुई इन्वेस्टमेंट सबसे ज्यादा रिटर्न्स देती है

चिंता उतनी करो की काम हो जाये..इतनी नही की ज़िन्दगी तमाम हो जाये

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