असल में वही जीवन की चाल समझता है जो सफ़र में धुल को गुलाल समझता है

असल में वही जीवन की चाल समझता है जो सफ़र में धुल को गुलाल समझता है

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लाइफ में सबसे बड़ी खुशी उस काम को करने में है जिसे लोग कहते हैं तुम नहीं कर सकते

बहुत मुश्किल है उस शख्स को गिराना, जिसको चलना ठोकरों ने सिखाया हो .

अपने जीवन की तुलना किसी के साथ नहीं करनी चाहिए "सूर्य" और "चद्रमा" के बीच कोई तुलना नहीं हैं जब जिसका वक़्त आता है तभी वो चमकता है

जिस काम में काम करने की हद पार ना हो फिर वो काम किसी काम का नही

रख हौसला वो मन्ज़र भी आएगा, प्यासे के पास चल के समंदर भी आयेगा,

तुम्हे अपनी लड़ाई खुद ही लड़नी होगी क्युकि लोग बुरे वक़्त में सिर्फ सलाह देते है साथ नहीं

लाइफ में सबसे बड़ी खुशी उस काम को करने में है जिसे लोग कहते हैं तुम नहीं कर सकते

बहुत मुश्किल है उस शख्स को गिराना, जिसको चलना ठोकरों ने सिखाया हो .

अपने जीवन की तुलना किसी के साथ नहीं करनी चाहिए "सूर्य" और "चद्रमा" के बीच कोई तुलना नहीं हैं जब जिसका वक़्त आता है तभी वो चमकता है

जिस काम में काम करने की हद पार ना हो फिर वो काम किसी काम का नही

रख हौसला वो मन्ज़र भी आएगा, प्यासे के पास चल के समंदर भी आयेगा,

तुम्हे अपनी लड़ाई खुद ही लड़नी होगी क्युकि लोग बुरे वक़्त में सिर्फ सलाह देते है साथ नहीं