किसी से रास्ता पूछने से पहले यह सुनिश्चित करले कि कहीं वह स्वयं तो रास्ता भटका हुआ नहीं है।
आपके पास जितना समय अभी है, उससे अधिक समय कभी नहीं होगा
दोषहीन कार्यों का होना दुर्लभ होता है।
दौलत सिर्फ रहन-सहन का तरीका बदल सकती है; बुद्धि नियत और तकदीर नहीं
मनुष्य अकेला ही जन्म लेता है, अकेला ही दुःख भोगता है, अकेला ही मोक्ष का अधिकारी होता है और अकेला ही नरक जाता है. अतः रिश्ते-नाते तो क्षण भंगुर हैं, हमें अकेले ही दुनिया के मंच पर अभिनय करना पड़ता है.
अगर ईश्वर ने आपको नई शुरुआत करने का मौका दिया है, फिर पुरानी गलतियों को मत दोहराए
किसी से रास्ता पूछने से पहले यह सुनिश्चित करले कि कहीं वह स्वयं तो रास्ता भटका हुआ नहीं है।
आपके पास जितना समय अभी है, उससे अधिक समय कभी नहीं होगा
दोषहीन कार्यों का होना दुर्लभ होता है।
दौलत सिर्फ रहन-सहन का तरीका बदल सकती है; बुद्धि नियत और तकदीर नहीं
मनुष्य अकेला ही जन्म लेता है, अकेला ही दुःख भोगता है, अकेला ही मोक्ष का अधिकारी होता है और अकेला ही नरक जाता है. अतः रिश्ते-नाते तो क्षण भंगुर हैं, हमें अकेले ही दुनिया के मंच पर अभिनय करना पड़ता है.
अगर ईश्वर ने आपको नई शुरुआत करने का मौका दिया है, फिर पुरानी गलतियों को मत दोहराए