सदैव
जब रिश्तों में झूठ बोलने की आवश्यकता महसूस होने लगे, तब समझ लेना चाहिए कि रिश्ता समाप्ति की ओर है
वक्त होता है बदलने के लिए, ठहरते तो बस लम्हे ही हैं ....!!
तू रख यकीन बस अपने इरादों पर, तेरी हार, तेरे हौसलों से तो बड़ी नहीं होगी ।
घड़ी ठीक करने वाले बहुत है मगर समय तो मेरा मुरली वाला ही ठीक करता है..
मित्र, पुस्तक, रास्ता, और विचार गलत हों तो गुमराह कर देते हैं, और यदि सही हों तो जीवन बना देतें है
सदैव
जब रिश्तों में झूठ बोलने की आवश्यकता महसूस होने लगे, तब समझ लेना चाहिए कि रिश्ता समाप्ति की ओर है
वक्त होता है बदलने के लिए, ठहरते तो बस लम्हे ही हैं ....!!
तू रख यकीन बस अपने इरादों पर, तेरी हार, तेरे हौसलों से तो बड़ी नहीं होगी ।
घड़ी ठीक करने वाले बहुत है मगर समय तो मेरा मुरली वाला ही ठीक करता है..
मित्र, पुस्तक, रास्ता, और विचार गलत हों तो गुमराह कर देते हैं, और यदि सही हों तो जीवन बना देतें है