असल में वही जीवन की चाल समझता है जो सफ़र में धुल को गुलाल समझता है

असल में वही जीवन की चाल समझता है जो सफ़र में धुल को गुलाल समझता है

Share:

More Like This

एक ऐसा लक्ष्य भी होना चाहिए जो सुबह उठने पर मजबूर कर दे.

बातें ऐसी मत करो जिससे तुम्हारी परवरिश पर सवाल उठे

"जब तक किसी काम  को किया नहीं जाता     तब तक वह असंभव  ही लगता है

झूठ का भी अजीब 'जायका' है स्वयं बोलो तो मीठा' लगता है कोई और बोले तो 'कड़वा'

मिट्टी का मटका और परिवार की क़ीमत सिर्फ बनाने वाले को ही पता होती है, तोड़ने वाले को नहीं !!

सैकड़ो अज्ञानी पुत्रो से एक गुणवान पुत्र अच्छा है रात्रि का अंधकार एक ही चंद्रमा दूर करता है न कि हजारों तारे

एक ऐसा लक्ष्य भी होना चाहिए जो सुबह उठने पर मजबूर कर दे.

बातें ऐसी मत करो जिससे तुम्हारी परवरिश पर सवाल उठे

"जब तक किसी काम  को किया नहीं जाता     तब तक वह असंभव  ही लगता है

झूठ का भी अजीब 'जायका' है स्वयं बोलो तो मीठा' लगता है कोई और बोले तो 'कड़वा'

मिट्टी का मटका और परिवार की क़ीमत सिर्फ बनाने वाले को ही पता होती है, तोड़ने वाले को नहीं !!

सैकड़ो अज्ञानी पुत्रो से एक गुणवान पुत्र अच्छा है रात्रि का अंधकार एक ही चंद्रमा दूर करता है न कि हजारों तारे