प्रतिदिन हमें कुछ न कुछ नया ग्रहण करना चाहिए, फिर चाहे वह एक श्लोक, उसका एक अंश अथवा एक शब्द मात्र ही क्यों न हो. एक-एक शब्द ही एक दिन विशाल समुद्र का रूप धारण कर लेता है.
थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है
दुनिया मे अधिक गम है उन सबको देखते हुए आपका बहुत कम है
लगातार हो रही असफलताओ से निराश नही होना चाहिए क्योक़ि कभी-कभी गुच्छे की आखिरी चाबी भी ताला खोल देती है।
रख हौसला वो मन्ज़र भी आएगा, प्यासे के पास चल के समंदर भी आयेगा,
सुख भी बहुत है परेशानियां भी बहुत है जिंदगी में लाभ है तो हानियां भी बहुत है क्या हुआ जो भगवान ने थोड़े गम दे दिए भगवान की हम पर मेहरबानियां भी बहुत है!
प्रतिदिन हमें कुछ न कुछ नया ग्रहण करना चाहिए, फिर चाहे वह एक श्लोक, उसका एक अंश अथवा एक शब्द मात्र ही क्यों न हो. एक-एक शब्द ही एक दिन विशाल समुद्र का रूप धारण कर लेता है.
थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है
दुनिया मे अधिक गम है उन सबको देखते हुए आपका बहुत कम है
लगातार हो रही असफलताओ से निराश नही होना चाहिए क्योक़ि कभी-कभी गुच्छे की आखिरी चाबी भी ताला खोल देती है।
रख हौसला वो मन्ज़र भी आएगा, प्यासे के पास चल के समंदर भी आयेगा,
सुख भी बहुत है परेशानियां भी बहुत है जिंदगी में लाभ है तो हानियां भी बहुत है क्या हुआ जो भगवान ने थोड़े गम दे दिए भगवान की हम पर मेहरबानियां भी बहुत है!