असल में वही जीवन की चाल समझता है जो सफ़र में धुल को गुलाल समझता है

असल में वही जीवन की चाल समझता है जो सफ़र में धुल को गुलाल समझता है

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अपने नॉलेज पर की हुई इन्वेस्टमेंट सबसे ज्यादा रिटर्न्स देती है

"बदलना" ख़राब नहीं हैं , ख़राब हैं बदल कर , पहले से "बदतर" हो जाना

जितना कठिन संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी

सफलता पहले से की गई तैयारी पर निर्भर है और बिना तैयारी के असफलता निश्चित है

भगवान से कुछ मांगना है तो सदबुद्धिद मांगिए बाकी सब अपने आप मिल जायेगा

सिर्फ दुनिया के सामने जीतने वाला ही "विजेता" नहीं होता, किन "रिश्तों" के सामने कब और कहाँ पर "हारना" है, यह जानने वाला भी विजेता होता है

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"बदलना" ख़राब नहीं हैं , ख़राब हैं बदल कर , पहले से "बदतर" हो जाना

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