असल में वही जीवन की चाल समझता है जो सफ़र में धुल को गुलाल समझता है

असल में वही जीवन की चाल समझता है जो सफ़र में धुल को गुलाल समझता है

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किसी व्यक्ति के प्रति इतना भी समर्पण नही होना चाहिये की आप स्वयं को धीरे धीरे खोने लगे

जिंदगी में ऐसे लोग भी मिलते हैं.... जो वादे तो नहीं करते लेकिन निभा बहुत कुछ जाते है.,. अक्सर वही रिश्ते, लाजवाब होते हैं... जो एहसानों से नहीं, एहसासों से बने होते हैं..!

सफलता शकल देखके कदम नही चुमती! सफलता मेहनत की दिवानी होती हे!

दुनिया की कोई परेशानी आपके साहस से बड़ी नही है

संभाल कर रखी हुई चीज और ध्यान से सुनी हुई बात, कभी न कभी काम आ ही जाती है

रूठी पत्नी, लुप्त संपत्ति और हाथ से निकली भूमि वापस मिल सकती है, लेकिन मनुष्य जीवन पुनः नहीं मिल सकता, अतः दान-धर्म कर हमें अपना जीवन सफल बनाना चाहिए.

किसी व्यक्ति के प्रति इतना भी समर्पण नही होना चाहिये की आप स्वयं को धीरे धीरे खोने लगे

जिंदगी में ऐसे लोग भी मिलते हैं.... जो वादे तो नहीं करते लेकिन निभा बहुत कुछ जाते है.,. अक्सर वही रिश्ते, लाजवाब होते हैं... जो एहसानों से नहीं, एहसासों से बने होते हैं..!

सफलता शकल देखके कदम नही चुमती! सफलता मेहनत की दिवानी होती हे!

दुनिया की कोई परेशानी आपके साहस से बड़ी नही है

संभाल कर रखी हुई चीज और ध्यान से सुनी हुई बात, कभी न कभी काम आ ही जाती है

रूठी पत्नी, लुप्त संपत्ति और हाथ से निकली भूमि वापस मिल सकती है, लेकिन मनुष्य जीवन पुनः नहीं मिल सकता, अतः दान-धर्म कर हमें अपना जीवन सफल बनाना चाहिए.