असल में वही जीवन की चाल समझता है जो सफ़र में धुल को गुलाल समझता है

असल में वही जीवन की चाल समझता है जो सफ़र में धुल को गुलाल समझता है

Share:

More Like This

मनुष्य जैसे लोगों के बीच उठता-बैठता है, जैसो की सेवा करता है तथा जैसा बनने की कमाना करता है, वैसा ही बन जाता है।

उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे

देने के लिए दान, लेने के लिए ज्ञान, और त्यागने के लिए अभिमान सर्वश्रेष्ठ है

लोग आपके रास्ते में गड्ढे करें तो परेशान मत होना... क्योंकि ये वही लोग हैं जो आपको छलांग लगाना सिखाएंगे

उम्र...बिना रुके सफर कर रही है, और हम... ख़्वाहिशें लेकर वहीं खड़े हैं

उस व्यक्ति के लिए सभी परिस्थितियां अच्छी हैं जो अपने भीतर खुशी संजो कर रखता है

मनुष्य जैसे लोगों के बीच उठता-बैठता है, जैसो की सेवा करता है तथा जैसा बनने की कमाना करता है, वैसा ही बन जाता है।

उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे

देने के लिए दान, लेने के लिए ज्ञान, और त्यागने के लिए अभिमान सर्वश्रेष्ठ है

लोग आपके रास्ते में गड्ढे करें तो परेशान मत होना... क्योंकि ये वही लोग हैं जो आपको छलांग लगाना सिखाएंगे

उम्र...बिना रुके सफर कर रही है, और हम... ख़्वाहिशें लेकर वहीं खड़े हैं

उस व्यक्ति के लिए सभी परिस्थितियां अच्छी हैं जो अपने भीतर खुशी संजो कर रखता है