असल में वही जीवन की चाल समझता है जो सफ़र में धुल को गुलाल समझता है

असल में वही जीवन की चाल समझता है जो सफ़र में धुल को गुलाल समझता है

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सबसे बड़ी रिस्क तब रहती है जब हमें पता नही रहता कि हम क्या कर रहे है

दुख पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुःखी रहोगे..सुख पर ध्यान दोगे तो सुखी रहोगे.जिस चीज पर तुम ध्यान दोगे वह सक्रिय हो जाती है ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है

खूबी और खामी दोनो ही होती है लोगों में आप क्या तलाशते हो ये महत्वपूर्ण है

राह संघर्ष की जो चलता है वहीं संसार को बदलता है जिसने रातों में जंग जीती है सूर्य बनकर वही निकलता है

कोशिश तब तक जारी रखो, जब तक मजिल ना मिल जाए..

इस संसार में अनेक लोग योग्यताओं का पिटारा लेकर घूम रहे हैं, लेकिन उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि वे किसी प्लेटफार्म की नहीं बल्कि धन की तलाश कर रहे हैं।

सबसे बड़ी रिस्क तब रहती है जब हमें पता नही रहता कि हम क्या कर रहे है

दुख पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुःखी रहोगे..सुख पर ध्यान दोगे तो सुखी रहोगे.जिस चीज पर तुम ध्यान दोगे वह सक्रिय हो जाती है ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है

खूबी और खामी दोनो ही होती है लोगों में आप क्या तलाशते हो ये महत्वपूर्ण है

राह संघर्ष की जो चलता है वहीं संसार को बदलता है जिसने रातों में जंग जीती है सूर्य बनकर वही निकलता है

कोशिश तब तक जारी रखो, जब तक मजिल ना मिल जाए..

इस संसार में अनेक लोग योग्यताओं का पिटारा लेकर घूम रहे हैं, लेकिन उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि वे किसी प्लेटफार्म की नहीं बल्कि धन की तलाश कर रहे हैं।