आँखों को अक्सर वही चीज़े पसंद आती है, जिसका मिलना मुश्किल हो..

आँखों को अक्सर वही चीज़े पसंद आती है, जिसका मिलना मुश्किल हो..

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बोहुत भीड़ है मोहब्बत के इस शेहेर में, एक बार जो बिछड़ा वापस नहीं मिलता

कभी कभी बहुत सताता है यह सवाल मुझे, हम मिले ही क्यों थे, जब हमें मिलना ही नहीं था

जो हैरान है मेरे सब्र पर उनसे कह दो. जो आँसू जमीं पर नहीं गिरते दिल चीर जाते हैं।

समंदर में उतरता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं, तेरी आँखों को पढ़ता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं, तुम्हारा नाम लिखने की इजाज़त छिन गई जबसे, कोई भी लफ्ज़ लिखता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं।

जिंदगी मे बहुत बार ऎसा वक्त आयेगा, जब आपका चाहनेवाला ही आपको रुलायेगा, मगर विश्वास रखना उसकी वफा पे, अकेले मे वो आपसे ज्यादा आँसू बहायेगा…

जिस “चाँद” के हजारों हो चाहने वाले… दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को….!!

बोहुत भीड़ है मोहब्बत के इस शेहेर में, एक बार जो बिछड़ा वापस नहीं मिलता

कभी कभी बहुत सताता है यह सवाल मुझे, हम मिले ही क्यों थे, जब हमें मिलना ही नहीं था

जो हैरान है मेरे सब्र पर उनसे कह दो. जो आँसू जमीं पर नहीं गिरते दिल चीर जाते हैं।

समंदर में उतरता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं, तेरी आँखों को पढ़ता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं, तुम्हारा नाम लिखने की इजाज़त छिन गई जबसे, कोई भी लफ्ज़ लिखता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं।

जिंदगी मे बहुत बार ऎसा वक्त आयेगा, जब आपका चाहनेवाला ही आपको रुलायेगा, मगर विश्वास रखना उसकी वफा पे, अकेले मे वो आपसे ज्यादा आँसू बहायेगा…

जिस “चाँद” के हजारों हो चाहने वाले… दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को….!!