हर एक चीज में खूबसूरती होती है, लेकिन हर कोई उसे नहीं देख पाता
एक दिन में जितना मोबाइल चलाते हो..उतना ही दिमाग चलाओगे तो ज़िन्दगी में बहुत आगे जाओगे
मुस्कुराहटें झूठी भी हो सकती है.. इंसान को देखना नही समझना सीखो
दूध के लिए हथिनी पालने की जरुरत नहीं होती। अर्थात आवश्कयता के अनुसार साधन जुटाने चाहिए।
" समय " और " शब्द ' दोनों का उपयोग " लापरवाही " से ना करें क्योंकि ये " दोनों " ना दुबारा आते हैं ना " मौका " देते है !
यदि कोई व्यक्ति आपसे जलता है तो इसमें उसकी कोई गलती नहीं है बल्कि ये आपकी काबिलियत है जो उसे जलने पर मजबुर कर रही है
हर एक चीज में खूबसूरती होती है, लेकिन हर कोई उसे नहीं देख पाता
एक दिन में जितना मोबाइल चलाते हो..उतना ही दिमाग चलाओगे तो ज़िन्दगी में बहुत आगे जाओगे
मुस्कुराहटें झूठी भी हो सकती है.. इंसान को देखना नही समझना सीखो
दूध के लिए हथिनी पालने की जरुरत नहीं होती। अर्थात आवश्कयता के अनुसार साधन जुटाने चाहिए।
" समय " और " शब्द ' दोनों का उपयोग " लापरवाही " से ना करें क्योंकि ये " दोनों " ना दुबारा आते हैं ना " मौका " देते है !
यदि कोई व्यक्ति आपसे जलता है तो इसमें उसकी कोई गलती नहीं है बल्कि ये आपकी काबिलियत है जो उसे जलने पर मजबुर कर रही है