विचारों को बदलने से भी नया दिन निकलता है सिर्फ सूरज के निकलने से ही सवेरा नहीं होता

विचारों को बदलने से भी नया दिन निकलता है सिर्फ सूरज के निकलने से ही सवेरा नहीं होता

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नेत्र केवल हमे दृष्टि प्रदान करते है परंतु हम कब.. किसमे क्या देखते है ये हमारी भावनाओ पर निर्भर करता है।

'बदलना' तय है ! हर चीज़ का.. इस संसार में...! बस कर्म अच्छे करें..

लम्बा सफ़र तय करना है तो...ठोकरों से मुलाकात लाज़मी है...!!

सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।

पलट कर जबाव देना बेशक गलत बात है l लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदें भूल जाते हैं ll"

खुद को अपनी नजरों से गिराना छोड़ दो, जब लोग तुम्हें ना

नेत्र केवल हमे दृष्टि प्रदान करते है परंतु हम कब.. किसमे क्या देखते है ये हमारी भावनाओ पर निर्भर करता है।

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लम्बा सफ़र तय करना है तो...ठोकरों से मुलाकात लाज़मी है...!!

सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।

पलट कर जबाव देना बेशक गलत बात है l लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदें भूल जाते हैं ll"

खुद को अपनी नजरों से गिराना छोड़ दो, जब लोग तुम्हें ना